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आजमगढ़ के डीएम सुहास ने बीजिंग में फहराया तिरंगा

Mon, 28 Nov 2016 12:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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सुहास एलवाई - फोटो : amar ujala
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सरकारी फाइलों से जूझने वाले आजमगढ़ के डीएम सुहास एलवाई ने चीन की राजधानी बीजिंग में बैडमिंटन में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया है।
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सुहास ने एशियन पैरा-बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में इंडोनेशियाई खिलाड़ी हैरी सुशांतो को 21-4, 21-11 हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया है।

किसी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले सुहास संभवत: पहले आईएएस अफसर हैं। खास बात यह है कि सुहास को वाइल्ड कार्ड के जरिए टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला था।

बीजिंग में प्रेरणादायी प्रदर्शन करते हुए सुहास एक के बाद एक छह मैच जीतकर फाइनल में पहुंचे थे।

‘चुनौतियां बहुत, लेकिन कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं’

बीजिंग में इतिहास रचने वाले आजमगढ़ के डीएम सुहास एलवाई ने चैंपियन बनने के बाद कहा कि चुनौतियां तो बहुत थीं, मगर बैडमिंटन के प्रति जुनून, लोगों की दुआओं और ईश्वर की कृपा से यह कामयाबी मिली। यह सपना सच होने जैसा है। समर्थन के लिए देशवासियों का बहुत-बहुत शुक्रिया।

2007 बैच के आईएएस अफसर सुहास अभी चीन में ही हैं। ‘अमर उजाला’ से व्हाट्सएप पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि परिस्थितियां कठिन थीं, मगर हौसले ने मंजिल तक पहुंचा दिया।

सुहास बताते हैं कि डीएम की जिम्मेदारी निभाने के दौरान कभी-कभी ऐसा भी होता कि समय नहीं मिल पाता। लेकिन, लक्ष्य से कभी नहीं भटका। जीवन में चुनौतियां तो होती ही हैं, लेकिन नामुमकिन कुछ नहीं होता। पैशन हो तो लक्ष्य मिल जाता है।

माइनस 8 डिग्री तापमान में मुकाबला

सुहास ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान यहां का तापमान माइनस 1 से माइनस 8 के बीच रहा। ऐसी परिस्थिति में शरीर गर्म रखने के लिए काफी टाइम लगता है। इसलिए वार्म-अप के लिए और ज्यादा समय दिया और मुकाबले के लिए तैयार किया।

नौकरी में रहकर जिंदगी की दूसरी जीत
बकौल सुहास, ‘मैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। नौकरी करते हुए आईएएस के लिए चयनित होना जीवन की पहली बड़ी जीत थी। इसके बीच बैडमिंटन के लिए समय निकाल पाना और इतनी बड़ी कामयाबी हासिल करना जिंदगी की दूसरी बड़ी जीत है।

सीएम ऑफिस ने ट्वीट कर दी बधाई
सुहास को शानदार उपलब्धि के लिए सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर बधाई दी। उन्होंने देश के साथ यूपी का भी मान बढ़ाया।

'जुनूनी हैं सुहास, दिवाली पर भी खेल रहे थे बैडमिंटन'

डीएम सुहास एलवाई की पत्नी ऋतु
बीजिंग में एशियन पैरा- बैडमिंटन चैंपियनशिप का फाइनल जीतकर देश का मान बढ़ाने वाले आजमगढ़ के डीएम सुहास एलवाई की पत्नी ऋतु उनकी उप‌लब्धि से फूले नहीं समा रहीं।

ऋतु खुद पीसीएस अफसर हैं और आजमगढ़ में उप संचालक चकबंदी पद पर तैनात हैं। पति की कामयाबी से उत्साहित ऋतु कहती हैं कि लोगों के लगातार फोन आ रहे हैं। मुझे तो उनकी सफलता की उम्मीद बहुत पहले से ही थी। वे बहुत जुनूनी हैं। प्रशासनिक जिम्मेदारी और बैडमिंटन दोनों की प्रति।

वे एक दिलचस्प वाक्या सुनाती हैं... दिवाली वाले दिन हर ओर पटाखे छूट रहे थे मगर, ये बैडमिंटन खेलने चले गए। बैडमिंटन से उनका अजीब लगाव था। बच्चों के लिए कम समय मिलता तो वे उन्हें भी लेकर स्टेडियम चले जाते।
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प्रोफेशनल खिलाड़ियों से मिली चुनौती: सुहास

सुहास ने कहा कि टूर्नामेंट में दुनिया के बेस्ट और प्रोफेशनल खिलाड़ी भाग ले रहे थे। चीन, कोरिया, जापान व ताइपे के खिलाड़ियों का इसमें दबदबा रहता है।

मैंने इसी को ध्यान में रखकर तैयारी की थी। अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारी के बीच बैडमिंटन के लिए समय निकलता था।

वह बताते हैं कि कुछ महीने पहले ही उन्होंने इस प्रतियोगिता के लिए तैयारी शुरू की थी। फिटनेस बड़ी चुनौती थी। लेकिन लक्ष्य था जीतना। इसके लिए योजनाबद्घ ढंग से तैयारी की।
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