फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजम-स्टाफ विवाद में बैकफुट पर सरकार

Thu, 07 Nov 2013 02:21 AM IST
शैलेंद्र श्रीवास्तव/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर विकास मंत्री आजम खां के स्टाफ के बगावत के बाद भड़का सचिवालय कर्मियों का गुस्सा शांत करने के लिए पूरे मामले की जांच प्रमुख सचिव गन्ना राहुल भटनागर को सौंपी गई है।
विज्ञापन


जांच के बाद वह प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन को रिपोर्ट सौपेंगे।

वहीं, आजम के स्टाफ में लगे दो निजी सचिव व पांच अपर निजी सचिव को सचिवालय प्रशासन के केंद्रीय अनुभाग से संबद्ध कर दिया गया है।

शासन के इस निर्णय के बाद सरकार और सचिवालय कर्मियों के बीच पैदा हुई टकराव की स्थिति काफी हद तक समाप्त हो गई है।

इस मामले पर बुधवार को मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने सचिवालय प्रशासन के अधिकारियों को तलब किया था।

उन्होंने अधिकारियों से पूरी वस्तु स्थिति समझने के बाद उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

इसके आधार पर आजम के स्टाफ में लगे सातों कर्मियों को वहां से हटाकर सचिवालय प्रशासन के केंद्र अनुभाग से संबद्ध करने का आदेश जारी किया गया।

पढ़ें-आजम के खिलाफ 'मान-सम्मान' की जंग

सचिवालय प्रशासन से आदेश जारी होने के बाद ही इसकी जानकारी सचिवालय के विभिन्न संघों को मिली। सचिवालय के सभी सेवा संगठनों ने शासन के इस निर्णय का स्वागत किया है।

इसके पहले 4 बजे नवीन भवन के कैफेटेरिया में सचिवालय के सभी संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक में तय हुआ कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जाती है तो आंदोलन छेड़ा जाएगा।
विज्ञापन


शासन के रुख का होता रहा इंतजार
स्टाफ की बगावत और उन पर आजम के यहां काम पर लौटने के बढ़ते दबाव ने उग्र रूप ले लिया था।

दिवाली अवकाश के बाद बुधवार को जब सचिवालय खुला तो यह चर्चा शुरू हो गई कि आजम के दबाव में उनके स्टाफ पर कार्रवाई हो सकती है।

सचिवालय में दिनभर इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। कभी यह चर्चा शुरू हुई कि कर्मियों को चार्जशीट दे दी गई है तो कभी यह कि निलंबन की कार्रवाई होने जा रही है।
विज्ञापन


इसके चलते दिनभर सचिवालय में गहमा-गहमी रही। अधिकतर कर्मचारी अपने अनुभागों में न बैठकर बैठकों में शामिल होते रहे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें