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न जुलूस न जनसभा, हर बूथ पर बसपा की नजर

Thu, 07 Nov 2013 02:13 AM IST
नरेंद्र नरायण मिश्र/लखनऊ
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न जुलूस न जनसभा, न मंच न शामियाना। व्यक्तिगत तौर पर अपने कार्यकर्ता तक पहुंचने का लक्ष्य साध रही है बसपा।
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हर संसदीय क्षेत्र में बसपा पदाधिकारी सीधे हर बूथ वाले क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।

बूथ पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं के दरवाजे पर बैठकर पहले उनकी बात सुनते हैं, फिर चुनाव की रणनीति से उन्हें अवगत करवाते हैं।

बेहद संजीदा ढंग से चलाए जा रहे बसपा काडर के इस डोर-टू-डोर अभियान का प्रथम चरण लगभग पूरा हो गया है।

हाईकमान से तय रूपरेखा केआधार पर विभिन्न चरणों में अभियान को तेज किया जाना है।

अब तक मतदाता पुनरीक्षण के तहत बसपा ने सभी बूथों पर बूथ लेबल एजेंट यानी बीएलए नियुक्त कर दिया है।

बताया जाता है कि बीएलए अपने क्षेत्र के नए मतदाताओं केनाम सूची में दर्ज कराने सहित पुराने मतदाताओं केवोटर कार्ड की गड़बड़ियों को ठीक कराने का काम लगभग पूरा कर चुके हैं।

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आम मतदाताओं तक सीधे पहुंच बनाने में महिलाओं व पुरुषों की टोलियां भी बनाई गई हैं। ये टोलियां मतदाता जागरूकता के तौर पर कार्य कर रही हैं।

जहां सभी दलों में जनसभाओं की होड़ लगी है, वहीं बसपा अपने काडर को संजो रही है। पार्टी पदाधिकारी व बड़े नेता आम कार्यकर्ताओं से सीधे संपर्क साधने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
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बेहद सुनियोजित ढंग से सांगठनिक विचारधारा के आधार पर मुहिम चलाई जा रही है। पार्टी अपने वोटरों को मोटीवेट करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को फिर भरोसे में लेने की कवायद में जुटी है।

पूरे अभियान को प्रदेश स्तरीय नेताओं की देखरेख में चलाने के कारण नए कार्यकर्ताओं की हर विधान सभा क्षेत्रवार सूची बनाई जा रही है।

जिला इकाई के पदाधिकारियों केसाथ मंडलीय कोआर्डिनेटर भी बूथवार होने वाली बैठकों में शामिल हो रहे हैं।

हर सीट के लिए अलग कार्ययोजना
यूपी की हर संसदीय सीट के लिए बसपा ने अपनी अलग कार्ययोजना बनाई है। जैसे, सुरक्षित सीटों वाले क्षेत्र में किन कमेटियों में काम करना है और सामान्य सीटों वाले संसदीय क्षेत्र में कौन से कार्यक्रम आयोजित होने हैं।

सामान्य सीट वाली संसदीय क्षेत्र में सभी काडर केकार्यकर्ताओं को अपने वोट बैंक को संजोने का दायित्व सौंपा गया है।

सक्रिय कार्यकर्ताओं की मानें तो पार्टी पदाधिकारियों को उन्हें अपने क्षेत्र की सभी गतिविधियों से नियमित अवगत करवाना है।

साथ ही वोटर केबीच अन्य दलों के पदाधिकारियों की ओर से की जाने वाली पहल की सूचना भी तत्काल देनी है। सुरक्षित सीट वाले संसदीय क्षेत्र में भाईचारा कमेटियों को सक्रिय किया गया है।

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इसके तहत विभिन्न वर्ग में अपने पुराने कार्यकर्ताओं को मोटीवेट करने के लिए कमेटियां बनाई गई हैं। इसी तरह भाईचारा कमेटी की बैठकों का कार्यक्रम बूथवार तय कर विधानसभा क्षेत्र में ताबड़तोड़ बैठक कर रिपोर्ट से अवगत करवाना है।
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वोट बढ़ाने पर भी नजर
पार्टी पदाधिकारियों को वोट बैंक संजोने केअलावा इसे बढ़ाने की दिशा में कार्य करना है। इस पर अमल शुरू कर दिया गया है।

प्रतिदिन दिग्गज नेता अपने जिला व ब्लॉक तहसील से लेकर ग्राम स्तरीय कार्यकर्ताओं से सीधे बात कर रहे हैं। इसकेअलावा आमजन की समस्याओं की सूची बनाने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।

यही नहीं, कोआर्डिनेटर भी जिला इकाई व कार्यकर्ताओं की छोटी बैठकों में शामिल हो रहे हैं।
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