नगर विकास, अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री मोहम्मद आजम खां ने बुधवार को शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद पर फिर हमला बोला और चेतावनी भी दी।
उन्हें ढोंगी धर्मगुरु बताते हुए कहा कि ऐसे लोग अपनी हदें खुद तय करें वरना उन्हें हदों में रखना सरकार की जिम्मेदारी भी होगी और मजबूरी भी।
बाबरी मस्जिद की शहादत को अपमानित किया
आजम ने मौलाना जव्वाद का नाम लिए बिना कहा कि तथाकथित ढोंगी धर्मगुरु ने मुकद्दस धार्मिक मंच और मुकद्दस लिबास को जितना शर्मसार किया है, उसकी दूसरी मिसाल नहीं मिलती।
उन्होंने बाबरी मस्जिद की शहादत को भी अपमानित किया है। उन्होंने छह दिसंबर को अपनी बेटी की शादी करके हिंदुस्तान और दुनिया भर के मुसलमानों को जिस तरह अपमानित किया है, उसके लिए धर्मगुरु को पूरी कौम से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
भाजपाइयों की सलामती की दुआ क्यों की?
आजम ने कहा, ढोंगी धर्मगुरु हुसैनाबाद ट्रस्ट पर कुंडली मारे बैठे हैं। उन्होंने खुद को नवाब वाजिद अली शाह समझ लिया है और मस्जिदों व इमामबाड़े वाले मुकद्दस मुकामात को अपनी नापाक सियासत का अड्डा बना लिया है।
आजम ने मौलाना से सवाल किया है कि पवित्र धार्मिक मंच से फासिस्टों की तारीफ करना, भाजपा नेताओं की सेहत और कामयाबी की दुआ करना तथा सेकुलर ताकतों को कमजोर करने जैसी दुआएं-बददुआएं करना कहां तक दुरुस्त है?
आजम बोले, अपनी पगड़ी उतारें जव्वाद
आजम ने यह कहते हुए कि मिल्लत का दुश्मन दीन का दोस्त नहीं हो सकता, मशविरा दिया है कि जब तक कथित धर्मगुरु के दामन से औकाफ की लूट का दाग नहीं छूट जाता, तब तक के लिए उन्हें अपनी पाक कबा और अमामा (पगड़ी) उतार देनी चाहिए।