झूलेलाल पार्क में मंगलवार को आयोजित वाल्मीकि समाज की रैली में नगर विकास मंत्री मो. आजम खां ने खूब व्यंग्य बाण छोड़े।
भाजपा का नाम लिए बिना यहां तक कह डाला कि पिल्ला कहकर पुकारने वाले दुम दबाकर चले गए।
उन्होंने कहा कि सपा की आजमगढ़ व मैनपुरी की रैली ने भाजपा के पैर उखाड़ दिए हैं। कहते हैं कि अब जल्दी-जल्दी रैली नहीं करेंगे।
व्यंग्य भरे लहजे में कहा कि आ गया दिमाग ठिकाने, जगा दिया सोते शेर को। शेर जागा तो पिल्ला कहकर पुकारने वाले दुम दबाकर चले गए। उन्होंने कहा कि ऐसा वार होगा कि सांप्रदायिकता का खात्मा हो जाएगा।
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आजम ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आठ गांवों में बसने वाले कुछ वहशी दरिंदों की निंदा की जानी चाहिए।
यह कोई बहादुरी नहीं कि गरीब की बेटी का हाथ पकड़ो, उनकी बस्तियां जला दो। इसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम है।
आजम ने बसपा पर प्रहार करते हुए कहा कि संवेदनशील सरकारें हाथी नहीं बनवातीं, जिंदा रहते हुए अपनी प्रतिमाएं नहीं बनवातीं। संवेदनशील सरकारें गरीबों के लिए खजाना खाली कर देती हैं।
हमारी सरकार में ऊंच-नीच, अमीरी-गरीबी का कोई फर्क नहीं है। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट ने भी यही कहा है कि हमारी-आपकी स्थिति दलितों से कमजोर है।
इसलिए कमजोर और उपेक्षितों को एक होना चाहिए। गरीब व कमजोर जब तक नहीं चेतेगा, तब तक उपेक्षा का शिकार होता रहेगा।
इस मौके पर पंचायती राज मंत्री बलराम यादव ने ग्राम पंचायतों में लगे कर्मियों की सेवा नियमावली बनाने और योग्यता के आधार पर पदोन्नति देने का आश्वासन दिया।
राज्य सफाई आयोग के अध्यक्ष जुगल किशोर ने अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया और मांगपत्र पढ़ा।