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'पीएमओ में बैठकर ही योजनाओं का शिलान्यास करें मोदी'

Mon, 29 Jun 2015 01:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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सूबे के संसदीय कार्य और नगर विकास मंत्री आजम खां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिर निशाना साधा और तंज भी कसा। कहा, ‘बड़ी से बड़ी बाधा और सैलाब भी नेताजी (मुलायम सिंह यादव) को पूर्व निर्धारित सभा करने से न रोक पाया। पर, प्रधानमंत्री ने बरसात के चलते वाराणसी दौरा रद्द कर दिया।’
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चुटकी ली,‘ प्रधानमंत्री जी का वाराणसी दौरा पुन: रद्द होना, वहां के निवासियों का सौभाग्य है या दुर्भाग्य, इसे तो वाराणसी की जनता को ही तय करना है। पर, प्रधानमंत्री को अब जनसभाएं छोड़कर प्रधानमंत्री कार्यालय से ही उद्घाटन और शिलान्यास शुरू कर देने चाहिए।’

यह दावा भी कर डाला कि वाराणसी के विकास की ज्यादातर योजनाएं वही हैं, जो प्रदेश सरकार शुरू करा चुकी है। मोदी अब जो सोच रहें हैं वह प्रदेश सरकार पहले से कर रही है।
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आजम का दावा, वाराणसी की ज्यादतर योजनाएं शुरू की

रविवार को यहां जारी बयान में आजम ने कहा कि वाराणसी के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने जो योजनाएं बनाकर काम शुरू कर दिया है, उनमें पेयजल की आपूर्ति, नगर का सौंदर्यीकरण, सड़कों के सुधार का काम शुरू किया जा चुका है। ज्यादातर काम उनके विभाग नगर विकास बनाई हैं।

इनमें पाइपलाइन का विस्तार, जलभराव की समस्या से निजात, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर शहर की गंदगी को गंगा में जाने से पूरी तरह रोकने का काम शामिल है। घाटों के सुधार का काम भी तेजी से चल रहा है।

मुलायम सिंह के नेतृत्व में बनी पहले की सपा सरकार हो या अखिलेश यादव के नेतृत्व में बनी मौजूदा सरकार, दोनों में वाराणसी के विकास एजेंडे में सबसे ऊपर रहा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार न सिर्फ वाराणसी बल्कि कई शहरों के बिजली तारों को अंडर ग्राउंड करने का काम चार महीने पहले से शुरू करा चुकी है। सपा जो काम करा रही है या कराने का फैसला कर चुकी है, उन्हें छोड़कर देश के ‘बादशाह’ को वाराणसी के लिए बाकी कामों के बारे में सोचना चाहिए।
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भावनाओं से खेलने के बजाय आदर करना सीखें

आजम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मन की बात में किसानों का आह्वान किया है कि वे गरीबों के लिए अनाज पैदा करें। पर, यह नहीं बताया कि किसान के पेट को रोटी कैसे मिले? कहा कि किसान की जमीन छीनकर भूमाफिया को देने की नीति जब तक चलेगी, तब तक किसान फांसी के फंदे पर झूलता रहेगा।

इसलिए प्रधानमंत्री से अपील है कि आत्महत्या करने वाले किसानों को केंद्रीय खजाने से 25 लाख रुपये दिए जाएं। साथ ही मृतक किसान के परिवार के एक सदस्य को केंद्र सरकार के किसी विभाग में नौकरी भी दी जाए।

आजम ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि सभास्थल चाहे पानी से भरा हो, चाहे आसमान से बौछार हो रही है लेकिन नेतीजी वहां पहुंचे जरूर।

जनता कम या ज्यादा हो सकती है लेकिन नेताजी किसी रैली में न पहुंचें हों, ऐसा कभी नहीं हुआ। भाजपा को भी जनता की भावनाओं से खेलने के बजाय उसका आदर करना सीखना चाहिए।
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