संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने कहा कि भाजपा को 73 सांसदों का घमंड है। हमारे 73 सांसद होते तो डंडे के बल पर व्यवस्था ठीक कर देते।
विधानसभा में गुरुवार को संसदीय कार्यमंत्री और भाजपाइयों में जमकर नोकझोंक हुई। भाजपा के राधा मोहन दास अग्रवाल ने विकास में विसंगति का आरोप लगाते हुए कहा कि 80-85 फीसदी उद्योग सिर्फ दो जिलों नोएडा और गाजियाबाद में हैं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भी सरकार को इन्वेस्टर मीट में उद्योगपतियों के सामने संभावनाओं की मार्केटिंग व पैकेजिंग करनी चाहिए थी।
इस सवाल पर दखल देते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि पॉलिसी के तहत प्रदेश के हर हिस्से में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अखिलेश बोले कोयला कब दिलवाएंगे
मुख्यमंत्री अखिलेश ने भाजपा सदस्यों से पूछा कि वे कोयला और बिजली कब तक दिलवाएंगे? इस पर डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि उनके 73 सांसद हैं।
प्रदेश के विकास के लिए सरकार जहां चाहेगी, वे मदद के लिए तैयार हैं। वाजपेयी के बोलने के दौरान ही संसदीय कार्यमंत्री खड़े हो गए और कहा कि भाजपा को 73 सांसदों का घमंड है। इसी घमंड में कीमतें कहां चली गईं ?
उन्होंने लखनऊ की मशहूर वाजपेयी कचौड़ी का जिक्र करते हुए कहा, आपने वाजपेयी की कचौड़ी दस रुपये की कर दी। कम से कम वाजपेयी जी (अटल बिहारी वाजपेयी) के नाम का खयाल तो रखा होता। पूछा महंगाई को कहां ले जाओगे ?
आजम बोले जनता को प्याज, आलू और चीनी चाहिए। रेल का कम किराया चाहिए। पांच साल का भरोसा दे रहे हैं जैसे कोई जादू का डंडा हो। उन्होंने कहा, हमारे 73 सांसद होते तो डंडे से सब ठीक कर देता।
झूठे वादों को लेकर आरोप मढ़े
डॉ. वाजपेयी के एक सवाल के जवाब में भी आजम व भाजपा सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगे। डॉ. वाजपेयी ने दिल्ली में हुए निवेशक सम्मेलन और पिछले साल आगरा समिट में हुए एमओयू के आधार पर निवेश की जानकारी मांगी थी। सरकार की ओर से राममूर्ति जानकारी दे रहे थे।
वाजपेयी ने सप्लीमेंट्री प्रश्न किया कि निवेशक सम्मेलनों का लक्ष्य क्या है ? इस पर संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि लक्ष्य है, निवेशक यूपी में आएं, यहां का विकास हो। जनता को ठगा न जाए, झूठे वादे न किए जाएं। महंगाई न बढ़ने का सुनहरा सपना न दिखाया जाए।
भाजपा पर निशाना सधता देख डॉ. वाजपेयी ने कहा कि सुनहरे सपने तो सपा ने बेरोजगारी भत्ता, लैपटॉप और कर्जमाफी की घोषणा करके दिखाए थे। आजम ने कहा कि ये योजनाएं उनके कारण बंद हुई हैं।
इस पर सतीश महाना ने कहा कि यदि उनके कहने से योजनाएं बंद हो रही हैं तो वे (आजम) वहां (सत्ता पक्ष में) बैठे क्या कर रहे हैं। उनके कहने से कानून व्यवस्था क्यों नहीं ठीक कर देते, जनता को बिजली क्यों नहीं दे देते ?
सपा नहीं दे रही ठीक ठीक जवाब
भाजपा के सुरेश खन्ना ने अध्यक्ष से कहा कि सत्ता पक्ष से सवालों के सही जवाब नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने निशक्तों से जुड़े एक सवाल पर विशिष्ट जानकारी न मिलने पर यह बात कही।
बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने कहा कि सुसंगत जवाब के लिए सवाल भी सुसंगत होने चाहिए। किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने संबंधी सवाल पर भी सीधा जवाब न आने पर लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अध्यक्ष के समक्ष यही मुद्दा उठाया।
वेल में आए लोकदल सदस्य: शून्य प्रहर में रालोद के सुदेश शर्मा, वीरपाल राठी और भगवती प्रसाद गन्ना किसानों पर दर्ज मुकदमों का मुद्दा उठाना चाहते थे।
इजाजत नहीं मिली तो राठी वेल में आ गए। अध्यक्ष के कहने पर वे सीट पर चले गए लेकिन रालोद सदस्य बोलने की कोशिश करते रहे।