मुरादाबाद के कांठ कस्बे में पिछले दिनों हुए बवाल को लेकर सोमवार को विधानसभा में जबर्दस्त हंगामा हुआ। इस मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी तकरार हुई।
कांठ में बवाल के लिए सपा के नेता आजम खां ने सीधे भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि उपद्रवी नक्सलियों की तरह बर्ताव कर रहे थे और वहां एक और गोधरा दोहराने की साजिश थी।
हंगामे के बीच काफी देर तक सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। हंगामे का सिलसिला विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए जाने का बाद थमा।
भाजपाइयों ने आतंकवादियों की तरह किया हमला
आजम खां ने आरोप लगाया कि उपद्रवी कांठ में गुजरात के गोधरा की तरह ट्रेन के डिब्बे में आग लगाना चाहते थे।
केंद्र सरकार महंगाई नहीं रोक पा रही है। उसकी नाकामी छिपाने के लिए भाजपा यहां उपद्रव करा रही है। आजम ने कहा कि भाजपा उपचुनाव जीतने के लिए समाज को खून में नहलाना चाहती है।
आजम ने कहा कि दलितों को कमजोरों से लड़ाया जा रहा है। 30 जून को भाजपाइयों ने आतंकवादियों की तरह हमले किए। उपद्रवियों के पथराव में गंभीर रूप से घायल हुए मुरादाबाद के डीएम चंद्रकांत की आंख खतरे में है।
कांठ में बाहर के लोग उपद्रव करने आए थे। रेलमार्ग जाम कर मुसाफिरों को लूटा गया। बसपा और भाजपा सदस्यों की नारेबाजी के बीच आजम लगातार बोलते रहे। उन्होंने कहा कि उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बसपा ने महंगाई पर भाजपा को घेरा
बसपा सदस्य राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लिखे बैनर लहरा रहे थे लेकिन उनके निशाने पर खास तौर पर भाजपा ही थी।
बैनरों में ‘मुंह में राम बगल में छूरी-दंगा कराना भाजपा की मजबूरी।’ ‘मोदी-अखिलेश का देखो राज-महंगाई और जंगल राज..।’ जैसे नारे लिखे थे।
अध्यक्ष बार-बार सदस्यों से अपनी सीट पर बैठने का आग्रह करते रहे लेकिन हंगामा चलता रहा।
उधर, भाजपा के सतीश महाना ने मुरादाबाद के एसएसपी पर सपा के प्रवक्ता के रूप में काम करने का आरोप लगाते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की।