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अमित शाह को बख्शने के मूड में नहीं आजम

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मतदान हो चुके हैं अब नेताओं की किस्मत ईवीएम में बंद है लेकिन लगता है कि सपा के कैबिनेट मंत्री आजम खां अभी भी चुनावी मूड में हैं, उन्होंने फिर से अमित शाह पर निशाना साधा है।
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आजमगढ़ को आतंकवाद से जोड़ते हुए भाजपा प्रदेश प्रभारी अमित शाह के बयान और उस पर प्रदेश चुनाव आयुक्त एचएस ब्रह्मा की टिप्पणी को कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कोर्ट की अवमानना करार दिया है। दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।

वहीं, एग्जिट पोल को निराधार बताते हुए कहा कि सपा का प्रदर्शन 2012 के विधानसभा चुनावों की तरह ही रहेगा।

आजम की मांग, कार्रवाई हो

सपा कार्यालय पर हुई मंगलवार को प्रेस वार्ता में कैबिनेट मंत्री आजम खां ने कहा कि 2008 में यूपीपीसीएस की परीक्षा में प्रश्न पूछा गया था कि यूपी का कौन सा जिला आतंकवादियों की खेती के रूप में जाना जाता है।

इसके जवाब में आजमगढ़ को सही माना गया था। इस पर हाइकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल हुई। कोर्ट के फैसले के बाद लोकसेवा आयोग के चेयरमैन को अखबारों के माध्यम से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी।

कोर्ट के इस फैसले के बाद भाजपा नेता अमित शाह का बयान और उस पर एक समाचार पत्र में चुनाव आयुक्त एचएस ब्रह्मा की टिप्पणी कि अमित शाह के बयान में कुछ गलत नहीं है, कोर्ट की अवमानना है।

इसके लिए दोनों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाए। चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि आयोग निष्पक्ष नहीं रहा, आयोग को मोदी नवाजी का अड्डा न बनाया जाए।
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ये था अमित शाह का बयान

अमित शाह ने एक जनसभा के दौरान बयान दिया था कि आजमगढ‌़ आतंकवाद का अड्डा बन गया है। जिसके बाद सभी राजनीतिक दलों ने उनकी निंदा की थी।

मुस्लिम धर्मगुरु राशिद फिरंगी महली ने तो यहां तक कह‌ दिया था कि ‌जैसा कि इल्म था‌, भाजपा ने अपने कम्युनल एजेंडे को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है और वो इसी के आधार पर वोट बटोरना चाहती है।

वहीं आजम खां और खुले तौर पर आमित शाह पर सांप्रदायिकता फैलाने का आरोप लगा रहे हैं।

गौरतलब है कि चुनाव के दौरान आपत्तिजनक बयान देने पर आजम खां और ‌अमित शाह पर चुनाव आयोग प्रतिबंध भी लगा चुका है, हालांकि अपने बायन के लिए माफी मांगने पर शाह को को तो राहत दे दी गई, जबकि आजम आज भी आयोग पर निशाना साध रहे हैं।
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