फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सच हुआ सपना तो राजभवन की ओर दौड़े आजम खां

Fri, 18 Jul 2014 10:14 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने संबंधी विधेयक को मंजूरी देने पर राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी का आभार व्यक्त करने सपा के कद्दावर नेता व नगर विकास मंत्री मो. आजम खां बृहस्पतिवार को राजभवन पहुंचे।
विज्ञापन


उन्होंने डॉ. के साथ लगभग 15 मिनट अकेले में बातचीत की। हालांकि राजभवन के सूत्र इसे शिष्टाचार भेंट बता रहे हैं लेकिन माना जा रहा है कि सात साल से राजभवन में लंबित पड़े जौहर विवि विधेयक को दो पूर्व राज्यपालों की आपत्तियों को दरकिनार कर मंजूरी दे देने के लिए डॉ. कुरैशी का आभार जताने आजम राजभवन आए थे।

आजम के लिए था इज्जत का सवाल

आजम अपराह्न करीब 3.30 बजे राजभवन पहुंचे और लगभग 20 मिनट तक वहां रहे। इस दौरान करीब 15 मिनट डॉ. कुरैशी और आजम के बीच गुफ्तगू हुई।

सूत्रों का कहना है कि आजम ने डॉ. कुरैशी के इस फैसले को अल्पसंख्यक समुदाय के हित के लिए बड़ा कदम बताते हुए उनका शुक्रिया अदा किया।

दरअसल जौहर विवि को अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का दर्जा दिलाने का मुद्दा आजम के लिए नाक का सवाल बन गया था।

विवि को अल्पसंख्यक का दर्जा मिल जाने से इसको कई फायदे भी हैं। अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों की 50 फीसदी सीटें अल्पसंख्यक छात्रों के लिए ही आरक्षित होती हैं तथा शिक्षकों के चयन में भी ऐसे संस्थानों के प्रबंधतंत्र को स्वतंत्रता होती है।

नहीं लागू होती हैं सरकार की बंदिशें

राज्य विश्वविद्यालयों की कार्य परिषदों में राज्य सरकार अपने प्रतिनिधि नामित करती है जबकि अल्पसंख्यक दर्जा प्राप्त विश्वविद्यालय में इस तरह की कोई बंदिश नहीं होती है।

ऐसे संस्थानों में शिक्षकों को निलंबित या बर्खास्त करने के लिए कुलाधिपति के पूर्व अनुमोदन की जरूरत नहीं है। अल्पसंख्यक संस्थानों पर उप्र राज्य विवि अधिनियम, 1973 की धारा 57 व 58 लागू नहीं होती हैं।

यह धाराएं लागू न होने के कारण यदि अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान का प्रबंधतंत्र सरकार के निर्देशों की अवहेलना करे तो भी सरकार उसे भंग नहीं कर सकती है।

यही नहीं जौहर विश्वविद्यालय की मान्यता वापस लेना आसान नहीं होगा। विश्व विद्यालय की मान्यता खत्म करने के लिए विधानमंडल में तीन-चौथाई बहुमत से प्रस्ताव पारित कराना होगा।
विज्ञापन

कांग्रेस नेता ने भी भेजा धन्यवाद पत्र

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा ऑल इंडिया माइनारटीज फोरम फॉर डेमोक्रेसी के अध्यक्ष डॉ. अम्मार रिजवी ने राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी को पत्र भेजकर जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर को अल्पसंख्यक संस्था घोषित किये जाने संबंधी अध्यादेश पर हस्ताक्षर करने के लिए धन्यवाद दिया है।

डॉ. अम्मार रिजवी ने राज्यपाल के प्रति आभार प्रकट करते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को भी अल्पसंख्यक संस्था का दर्जा दिलाने का अनुरोध किया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें