यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां भी फिल्म पद्मावती के विवाद में कूद पड़े। उन्होंने लोगों को मुगल-ए-आजम फिल्म की याद दिलाकर विरोध करने वालों पर करारे प्रहार किए। रामपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए आजम खां ने कहा, 'हम 40 साल से कह रहे हैं कि राजा-महराजा अंग्रेजों के दलाल थे। जो लोग अंग्रेजों के दलाल थे वही आज फिल्म का विरोध कर रहे हैं।'
आजम ने कहा कि हमने तो एक नौ लखा गाने वाली को रामपुर से दो बार सांसद बनाया। आजम बोले, एक फिल्म आई थी मुगल-ए-आजम। जिसमें अनारकली को अकबर के बेटे की महबूबा दिखाया गया था। बाप को बेटे के सामने युद्घ के मैदान में खड़ा किया गया। इसका हकीकत से कोई वास्ता नहीं है। मुसलमानों ने कभी इसका विरोध नहीं किया, क्योंकि मुसलमानों का दिल इतना छोटा नहीं कि एक फिल्म उनके इतिहास को खराब कर दे।
वहीं, उन्होंने बिना नाम लिए भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि नफरत फैलाकर सत्ता तो पाई जा सकती है लेकिन सरकार नहीं चलाई जा सकती है।
आजम का बयान ऐसे वक्त में आया जब कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने फिल्म पद्मावती की रिलीज का विरोध किया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फिल्म को लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला बताया।