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सीएम करते रहे इंतजार, नहीं पहुंचे नाराज आजम

Tue, 05 Aug 2014 03:51 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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जिस कार्यक्रम की रूपरेखा खुद अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. आजम खां ने बनाई थी, उसमें ही वे नहीं पहुंचे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनका इंतजार ही करते रह गए।
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करीब पौने दो घंटे के इंतजार के बाद मुख्यमंत्री ने आजम की गैरमौजूदगी में ही कार्यक्रम शुरू करवाया। यह कार्यक्रम उर्दू एकेडमी के पुरस्कार वितरण समारोह का था।

माना जा रहा है कि शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव टाले जाने के फैसले से नाराजगी के चलते वे कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।

अ‌खिलेश ने की गुजारिश

सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर लेखकों व शायरों को उनकी किताबों के लिए पुरस्कृत करने का कार्यक्रम था।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे तो आजम खां को इसकी अध्यक्षता करनी थी। सुबह 11 बजे कार्यक्रम शुरू होना था।

पुरस्कार पाने वाले शायर व लेखक दस बजे ही पहुंच गए थे। सभी अतिथियों के आने की सूचना मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दी गई। लेकिन उन्होंने कहा कि आजम खां को आ जाने दें, उसके बाद कार्यक्रम शुरू करवाएं।

बताया गया ट्रेन छूट गई

कार्यक्रम में देरी होने लगी तो बताया गया कि आजम का वाराणसी से लौटने के लिए दो ट्रेनों में रिजर्वेशन था लेकिन उनकी ट्रेन छूट गई। इसके बाद वे सड़क मार्ग से लौट रहे हैं। आने में एक घंटा लगेगा।

जब 12 बजे तो कार्यक्रम में आए लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी। एकेडमी के चेयरमैन नवाज देवबंदी कार्यक्रम स्थल के हॉल से उठकर सीएम आवास में मुख्यमंत्री को लेने के लिए गए। लेकिन मुख्यमंत्री ने फिर इंतजार करने का संदेश भिजवा दिया। इस बीच कुछ अतिथि वापस जाने लगे।

करीब 12:30 बजे फिर नवाज देवबंदी हॉल से उठकर सीएम को लेने के लिए गए। दोपहर 12:45 पर सीएम आए और कार्यक्रम शुरू किया गया।
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फिर भी जताया आभार

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि इस कार्यक्रम की तैयारी खुद आजम खां साहब ने की थी। उन्हें भी इस कार्यक्रम में आना था। लेकिन वे नहीं आ सके। यह पहला मौका है जब इतने सारे उर्दू के जानकार उनके आवास पर इकट्ठा हुए हैं। इस कार्यक्रम के लिए आजम खां का आभार व्यक्त करता हूं।

सीएम से मिलकर कराया था कार्यक्रम फाइनल
दरअसल, इस कार्यक्रम को आजम खां ने ही फाइनल किया था। वे ही कुछ दिनों पहले उर्दू एकेडमी के चेयरमैन नवाज देवबंदी को लेकर मुख्यमंत्री के पास गए थे।

सूत्रों के अनुसार आजम खां शिया वक्फ बोर्ड का चुनाव स्थगित किए जाने से नाराज हैं। वे चाहते थे कि चुनाव हो जाएं। लेकिन सरकार ने कल्बे जव्वाद की बात मानते हुए इसे टाल दिया। इस कारण वे सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर होने वाले इस कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुए।
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