हमेशा विवादों में घिरे रहने वाले उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने एक पत्र लिखकर अपना दुखड़ा रोया है।
उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव को लिखे खत में आजम ने सरकारी मशीनरी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
आजम ने लिखा है कि पिछले करीब दो साल से वित्त विभाग उन्हें बेवहज परेशान कर रहा है।
10 साल से अधूरा है काम
आजम ने यह आरोप लगाया है गाजियाबाद में प्रस्तावित हज हाउस के निर्माण को लेकर। उन्होंने कहा है, 'लखनऊ के मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस की घोषणा के साथ ही गाजियाबाद में भी आला हजरत हज हाउस का एलान किया गया था। इसके बावजूद, 10 साल से इसका निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।'
आजम ने कहा है कि नगर विकास के कार्यों को रोकने, परेशान करने और बेवजह की टीका-टिप्पणी करने की अब इन्तहा हो चुकी है। यह सभी काम किसी व्यक्ति विशेष के नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के लिए हैं।
आजम के मुताबिक, जब तक वित्त विभाग अड़ंगेबाजी करता रहेगा, प्रदेश की जनता का कोई विकास कार्य नहीं हो सकता है। यही वजह है कि सूबे में हालात बिगड़ते चले जा रहे हैं।
'चोर-उचक्कों का गिरोह है हज कमेटी'
आजम ने यह भी लिखा है कि अगर इस अधूरी पड़ी इमारत का कोई इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है तो हज कमेटी अब इस हज हाउस को नहीं बनाना चाहती है। आजम ने खत में यह भी लिखा है कि जिस तरह की टिप्पणियां की गई हैं, उससे लगता है कि हज कमेटी चोर-उचक्कों का गिरोह है।
उन्होंने खत में यह भी साफ किया है ऐसे चोर-उचक्कों को सरकार की मदद से कोई धार्मिक सदभाव पैदा करने का हक नहीं है।
आजम ने यहां तक कह दिया है कि वह वित्त विभाग की किसी भी टिप्पणी को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने वित्त विभाग पर उन्हें नुकसान पहुंचाने का भी इल्जाम लगाया है।