उत्तर प्रदेश की सपा सरकार के वरिष्ठ मंत्री आजम खां ने सोमवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर राज्यपाल राम नाईक की शिकायत की। आजम ने मुखर्जी से कहा कि वह राज्यपाल के विवादित बयानों का संज्ञान लें और इस मामले का हल निकालने की कोशिश करें।
आजम ने कहा है कि सरकार की ओर से जौहर शोध संस्थान को दी गई इमारत पर राज्यपाल ने ऐतराज जताया है। उन्होंने राष्ट्रपति से कहा कि इस तरह के बयान उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।
हम उम्मीद करते हैं कि राष्ट्रपति इस बारे में एक मजबूत फैसला सुनाकर देश में संविधान की मर्यादा, कानून की अहमियत और राज्यपाल पद की महान गरिमा का संदेश देंगे। आजम ने कहा कि राज्यपाल को गलत बयानबाजी नहीं करनी चाहिए।
नाईक ने समय समय पर प्रदेश सरकार के कामकाज और खासकर कानून व्यवस्था के बारे में जिस प्रकार अखबार की राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के माध्यम से जो आलोचना की है, वह न तो राज्यपाल का दायित्व है और न ही उनको यह शोभा देता है।