‘मेरे लिए बेईमानी की एक बूंद भी हराम है। मैं ऐसा नेता नहीं हूं जो भारत को लूट कर स्विस बैंक में पैसा रखे। मुझे लोग कट्टर मुसलमान नेता बुलाते हैं पर मैं धर्म और जाति की राजनीति नहीं करता।
अगर कोई ऐसा साबित कर दे तो मैं खुद को सियासत से मुक्त कर लूंगा।’ यह कहना है कि नगर विकास मंत्री आजम खां का। वे रविवार को क्राइस्ट चर्च इंटर कॉलेज के ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय ‘जय महोत्सव-2014’ के समापन पर बोल रहे थे।
इस मौके पर उन्होंने ईसाई समुदाय से सपा के लिए वोट भी मांगा और कहा कि आप लोग गिनती में बहुत कम हैं और वोट भी डालने नहीं जाते हैं। पर अब खुद का कद समझिए और वोट डालने के जागरूक होइए।
पास्टर्स सोशल वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा संयोजित इस आत्मिक चंगाई सभा में मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना कहा कि 125 करोड़ जनसंख्या वाले देश के बादशाह का कद बड़ा होने से कुछ नहीं होगा, बादशाह का दिल भी बड़ा होना चाहिए।
'किस ऑफ लव' पर भी बोले
आजम ने कहा कि अब राजनीति में ऐसे लोग आ गए हैं, जो बनते साधु महाराज हैं पर अपनी शिष्या का बलात्कार कर पार्लियामेंट पहुंचते हैं। आज धर्म के नाम पर लोग जमीनें खा रहे हैं। वक्फ की जमीने बेच रहे हैं, लव जेहाद कर रहे हैं, जो सही नहीं है।
एक तरफ ‘लव जेहाद’ उठता है तो एक तरफ ‘लव किस’ शुरू हो गया है। परमेश्वर को चाहे जितने नामों से बुलाया जाए, पर वह एक ही है। अगर ईश्वर एक नहीं होता तो निश्चित ही सबसे पहले आकाश और सृष्टि का बंटवारा हो जाता।
इससे पहले कार्यक्रम में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उन्हें 11 किलो फूल की माला पहना कर स्मृति चिह्न व अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।
मीडियाकर्मियों से हुई धक्कामुक्की
उधर मंच से उतरे आजम खां से बातचीत करने के लिए मौजूद मीडिया से उनकीसुरक्षा में लगी पुलिस से खूब धक्का मुक्की हुई। आजम खां पल भर के लिए मीडिया से बात करने को रुके पर यह सब देख वे सुरक्षा गार्डों के घेरे में निकल कर गाड़ी में बैठ गए।
महोत्सव में मुख्य वक्ता रेव्ह डॉ. आनंदा सिट्रा, डोनल्ड युसुफ, पादरी रेजी जॉन, पादरी एसपी लाल, सचिव पादरी डायमंड युसुफ, चंद्रशेखर यादव, यामीन खान, सुनील बाजपेयी, सुभाष शुक्ला, आशु थियोपलस, रवि पॉल, सी. डैनियल, डॉ. पैट्रिक, मनोज कुमार, राजू विलियम और सत्येंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।