मुजफ्फरनगर-शामली में सांप्रदायिक हिंसा की आग बुझाने के लिए गठित मंत्रियों की बैठक में कैम्पों से लोगों की वापसी के तौर-तरीकों को लेकर मतभेद सामने आए हैं।
मुलायम सिंह की मौजूदगी में दर्जा प्राप्त दो मंत्रियों वीरेंद्र सिंह और साहब सिंह में आरोप-प्रत्यारोप भी हुए। सपा मुखिया ने उन्हें शांत कराया।
तय हुआ कि सोमवार को दिन में शिवपाल सिंह यादव मंत्रियों के साथ बैठक कर मुजफ्फरनगर में भाईचारा कायम करने के लिए एक्शन प्लान बनाएंगे। शाम को मुलायम और आजम खां की मौजूदगी में इस पर अंतिम मुहर लगेगी।
मुलायम सिंह के विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर रविवार सुबह पौने दस बजे शुरू हुई मंत्रियों की कमेटी की बैठक में दस में से नौ मंत्री शामिल हुए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव, रामगोविंद चौधरी और बलराम सिंह यादव, राज्यमंत्री शाहिद मंजूर, योगेश प्रताप सिंह, इकबाल महमूद और महबूब अली तथा दर्जा प्राप्त मंत्री वीरेंद्र सिंह और साहब सिंह मौजूद रहे।
राज्यमंत्री चितरंजन स्वरूप बैठक में शामिल नहीं हो सके। चर्चा का मुख्य एजेंडा था कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों को वापस भेजना और गांवों में भाईचारा कायम करना।
सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे पर शामली जिले से ताल्लुक रखने वाले वीरेंद्र सिंह और बागपत के साहब सिंह की राय जुदा रही। बैठक में आरोप-प्रत्यारोप बढ़ने पर मुलायम सिंह ने दखल दिया। उन्होंने कहा, जैसे भी हो कैम्पों से लोगों की वापसी होनी चाहिए।
कैम्पों से लोगों की वापसी पर राय जुदा-जुदा
वीरेंद्र सिंह ने शामली और आसपास के गांवों में शांति कायम करने के प्रयासों की जानकारी दी। उनका कहना था कि हिंसा और आगजनी से प्रभावित गांवों में लोगों की वापसी कराई गई तो वहां के दबंग लोग दबाव डालकर उनसे केस वापस करा लेंगे।
ऐसे में पीड़ित लोग इंसाफ से वंचित हो सकते हैं। उनका जोर ऐसे लोगों के लिए आवास की वैकल्पिक व्यवस्था करने पर था। इसके विपरीत साहब सिंह ने कहा कि कैम्पों में बसपा प्रायोजित लोग भी रहे रहे हैं।
बसपा चाहती है कि कैम्पों से लोग वापस न जाएं ताकि सरकार को बदनाम करने का मुद्दा बना रहे। क्षतिपूर्ति होने, मुआवजा मिलने और मकान दिलाने का झांसा देकर वे कुछ लोगों से सामान लूटे जाने की फर्जी रिपोर्ट भी करा रहे हैं।
मजदूर तबके के लोग गुमराह होकर वापस नहीं लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष कार्रवाई का संदेश जाना चाहिए और फर्जी रिपोर्ट एवं गिरफ्तारियां नहीं होनी चाहिए।
वहीं शाहिद मंजूर ने कहा कि कैंपों से लोगों की वापसी के लिए गांवों में दोनों पक्ष के जिम्मेदार लोगों से बात की जाए। कैंपों में बड़ी तादाद में ऐसे लोग हैं जो अफवाहों और डर के चलते गांवों से पलायन करके आए हैं।
उन्हें आसानी से वापस भेजा जा सकता है। आमतौर पर यही राय यही उभरी कि भाईचारा कायम करने के प्रयास किए जाए और लोगों को गांवों में वापस भेजा जाए।
घर वापसी की रणनीति को आज अंतिम रूप
मंत्रियों की कमेटी की बैठक सोमवार को लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में होगी। शिवपाल खुद भी मुजफ्फरनगर-शामली के गांवों का दौरा कर चुके हैं।
उनके आवास पर दोपहर बाद होने वाली बैठक में कैंपों में रह रहे दंगा प्रभावितों की घर वापसी या नया बसेरा देने पर अंतिम फैसला किया जाएगा। भाईचारा कायम करने के उपायों पर रणनीति बनेगी। इन मुद्दों पर कमेटी अपना एक्शन प्लान तैयार करेगी।
आजम को लखनऊ बुलाया
मंत्रियों के दल का एक्शन प्लान सोमवार शाम मुलायम सिंह यादव के सामने रखा जाएगा। उन्होंने इसे अंतिम रूप देने के लिए नगर विकास मंत्री आजम खां को भी लखनऊ बुलाया गया है।
बताया जा रहा है कि रविवार को वह राजस्थान में थे। मुलायम-आजम की मौजूदगी में मंत्रियों की कमेटी के एक्शन प्लान को रखकर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इस बैठक में मंत्री भी शामिल रहेंगे।