सीएम योगी ने आदित्यनाथ ने आयुष टेलीमेडिसिन सेवा की शुरुआत भी की। इससे प्रदेशवासी घर बैठे आयुष विशेषज्ञों से परामर्श ले सकेंगे। आयुष टेलीमेडिसिन की राज्यव्यापी सेवा शुरू करने वाला उतर प्रदेश पहला प्रदेश है। प्रथम चरण में गोरखपुर, अयोध्या, लखनऊ सहित 16 जिलों की 384 डिस्पेंसरियां इस व्यवस्था से जोड़ी गई हैं। कोई भी जरूरतमंद आयुष कवच कोविड एप के माध्यम से अपना पंजीकरण कर इस आयुष टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ ले सकता है। पंजीकरण के बाद परामर्श के लिए अपॉइंटमेंट लेना होगा और फिर तय समय पर वीडियो /टेली कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेषज्ञों से परामर्श मिल सकेगा। यदि कोई रोगी स्मार्टफोन या इंटरनेट इस्तेमाल करने में सक्षम नहीं है तो वह नजदीकी आयुष चिकित्सालय में संपर्क कर टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ उठा सकते हैं।
चिकित्सा धर्म को बनाएं
मुख्यमंत्री ने मिशन रोजगार के क्रम में सोमवार को 1065 नए आयुष/होम्योपैथिक चिकित्सकों से वर्चुअल माध्यम से कहा कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी नेचुरोपैथी चिकित्सा विधियों में अभी बहुत संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में कॅरियर बनाना महज सरकारी डॉक्टर के पद पर चयनित होने तक सीमित नहीं है, इसे मिशन रूप में लेना होगा। सीएम आवास पर हुए कार्यक्रम में रायबरेली में तैनाती पाने वाली डॉ. श्रेया पांडेय व डॉ. वसीम, कुशीनगर के डॉ.ऋषभ कुमार, बाराबंकी की डॉ. पारुल वर्मा, सीतापुर के डॉ. रत्नेश कुमार, उन्नाव की डॉ. निहारिका गुप्ता, गोंडा की डॉ. तान्या, सुल्तानपुर के डॉ. आशीष गोयल, लखनऊ में तैनाती पाने वाली डॉ. बबिता कैन व डॉ. अदिति सोनकर को नियुक्ति पत्र दिया गया। शेष सभी जनप्रतिनिधियोंने नियुक्ति पत्र दिए।