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शोध और आधुनिक तकनीक से आयुर्वेद को मिलेगी वैश्विक पहचान : केशव मौर्य

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आयुर्वेद दिवस पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री।
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लखनऊ। आयुर्वेद को आधुनिक शोध, तकनीक और नवाचार से जोड़कर वैश्विक स्तर पर पहुंचाने की तैयारी है। इसके साथ ही प्रदेश में आयुर्वेद की शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को 11वें आयुर्वेद दिवस पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आयुर्वेद केवल भारत की प्राचीन विरासत नहीं, बल्कि स्वस्थ भविष्य की मजबूत आधारशिला है। इसके प्रति लोगों का भरोसा बढ़ रहा है, लेकिन इसे और मजबूत करने के लिए वैज्ञानिक शोध और प्रमाणिकता जरूरी है।
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राज्यमंत्री आयुष दयाशंकर मिश्र ''दयालु'' ने स्वस्थ जीवनशैली का संदेश हर परिवार तक पहुंचाने और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने आयुर्वेद को शरीर, मन, जीवनशैली और पर्यावरण से जुड़ी समग्र स्वास्थ्य पद्धति बताया।
कार्यक्रम में तीन पद्मश्री आयुर्वेद विशेषज्ञों पद्मश्री प्रो. मनोरंजन साहू, पद्मश्री प्रो. चंद्रशेखर सिंह, पद्मश्री प्रो. केके ठकराल को सम्मानित किया गया। योग व प्रतियोगिताओं के विजेताओं और चिकित्सकों को पुरस्कार दिए गए। आयुष क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन पोर्टल का शुभारंभ भी हुआ।
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जिले-जिले में आयुर्वेद सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
मौर्य ने कहा कि आयुर्वेद, योग, होम्योपैथी, यूनानी और आधुनिक चिकित्सा के बीच बेहतर समन्वय और ज्ञान का आदान-प्रदान होना चाहिए। जिस तरह योग को दुनिया ने अपनाया है, उसी तरह भारतीय चिकित्सा ज्ञान का लाभ भी वैश्विक स्तर पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज की दिशा में काम हो रहा है। इसी तरह प्रत्येक जिले में आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की जरूरत है।

आयुर्वेद दिवस पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री।

आयुर्वेद दिवस पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री।

आयुर्वेद दिवस पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री।

आयुर्वेद दिवस पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री।

आयुर्वेद दिवस पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री।

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