दीपोत्सव की तैयार पर समीक्षा बैठक में पर्यटन मंत्री।
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पर्यटन व संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने धर्मपथ पर रामायण आधारित 10 प्रवेश द्वार बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा अयोध्या आने वाले प्रमुख मार्गों पर तीन अन्य रामायण द्वार बनाए जाने की योजना है। इनमें सुल्तानपुर और रायबरेली मार्ग भी शामिल हैं। दीपोत्सव के दौरान 2100 से अधिक बटुकों द्वारा सामूहिक सरयू आरती कराने, 240 से अधिक मंदिरों और मठों में दीप जलाने तथा उद्योग व व्यापार संगठनों के सहयोग से 25 प्रमुख चौराहों को सजाने की भी योजना है।
नई पीढ़ी को कला-संस्कृति से जोड़ेंगी कार्यशालाएं
बैठक में कला-संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए तीन कला कार्यशालाओं और शिविरों का आयोजन प्रस्तावित किया गया है। अयोध्या में 22 से 26 अक्तूबर तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से राम की पैड़ी-गुप्तार घाट पर राम, रामायण और अयोध्या विषयक राष्ट्रीय कार्यशाला होगी। वहीं राज्य ललित कला अकादमी की ओर से 18 से 22 नवंबर 2026 तक लोकधारा पारंपरिक व लोक चित्रकला कला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ विश्वविद्यालय के कला व शिल्प संकाय, एमिटी विश्वविद्यालय और यूनिटी कॉलेज सहयोगी होंगे।