रामलीला में किरदार निभाने वाली महिलाएं।
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अभी तक आपने जब भी कभी रामलीला देखी होगी तो उसमें आमतौर पर पुरुष किरदार का अभिनय पुरुष कलाकार ही करते हैं। महिला किरदार में ही मातृशक्ति को मौका मिलता है। इन दिनों अयोध्या में अनोखी रामलीला का मंचन देखने को मिल रहा है। इसमें पुरुष और महिला दोनों किरदारों को महिला कलाकार ही बखूबी निभा रही हैं।
नए मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर मां नंदा महिला रामलीला मांगलयोग समिति की ओर से इस रामलीला का मंचन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय रामायण व वैदिक शोध संस्थान के सभागार में इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक भी जुट रहे हैं। महिलाओं की रामलीला की निर्देशक लक्ष्मी पवार शाह ने अमर उजाला को बताया कि विभिन्न किरदार निभाने वाली सभी महिलाएं उत्तराखंड की रहने वाली हैं।
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समिति की ओर से यहां पर 14वीं रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इसके पहले अलग-अलग शहरों में मंचन किया जा चुका है। जब पहला मंचन किया था तभी संकल्प लिया था कि 14वीं प्रस्तुति राम मंदिर बनने के मौके पर अयोध्या में की जाएगी। अब यह संकल्प पूरा हो रहा है। इसे समूह की सभी महिलाएं अपना सौभाग्य मानती हैं। सभी कलाकारों के यहां पर ठहरने के साथ ही अन्य सुविधाओं का इंतजाम रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कारसेवकपुरम में किया गया है।
राम की भूमिका निभाने वाली तनुजा मेठानी कहती हैं कि पिछले आठ वर्ष से वह रामलीला में अभिनय कर रही हैं। प्रभु की भूमिका निभाने में बेहद अलग अनुभूति होती है। उनके चरित्र का प्रभाव अपने जीवन में उतारने की भी कोशिश करती हैं। बचपन में जब रामलीला का मंचन देखती थीं, तभी से मन में इच्छा थी कि वह भी इसमें अभिनय करें। तब तो मौका नहीं मिला, अब जब मिला तो बेहतर करने का हरसंभव प्रयास करती हैं।
रावण का किरदार निभा रहीं लक्ष्मी रावत कहती हैं कि शुरू में काफी कठिन लगा लेकिन फिर धीरे-धीरे आत्मविश्वास के सहारे खुद को तैयार किया। दर्शकों की ताली ऊर्जा का संचार करती है। लक्ष्मण की भूमिका कर रहीं नीरा फरसवाण बताती हैं कि वे सभी मंचन से पहले तैयारी भी करती हैं। उन्होंने बताया कि कई बार अलग-अलग भूमिका भी निभानी पड़ती है। इसलिए हर किरदार के बारे में अध्ययन करना होता है जिससे मंच पर उसे जीवंतता दी जा सके।