25 से 29 तक दीपोत्सव मनाया जाएगा तो 5 नवंबर से कार्तिक व परिक्रमा मेला में आने वाले 25 लाख भक्तों के लिए हिंदू-मुस्लिम दोनों कारोबारी संसाधन जुटाने में व्यस्त हैं। यहां का अर्थशास्त्र पर्यटकों-भक्तों पर टिका है।
बाबू बाजार में संत-महंतों के लिए खड़ाऊं और पोथी रखने के लिए रेहल बनाने वाले सगे मोहम्मद सलीम खुश हैं। सलीम कहते हैं, अयोध्या कलंक मिटने वाला है, सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही यहां 1992 से चल रही सियासत से अयोध्या उबर जाएगी।
दो पीढ़ियों से खड़ाऊं बनाने वाले कलीम खुश इसलिए हैं कि माहौल ठीक है, यूं भी अयोध्या के लोग कभी माहौल खराब नहीं करते हैं, जब भी दिक्कत हुई बाहरी लोगों ने पैदा की।