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अयोध्या में BJP को किन्नर प्रत्याशी से मिली दमदार चुनौती, हार के बावजूद भाजपाइयों ने दी शाबाशी

Fri, 01 Dec 2017 09:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद
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सीएम योगी, किन्नर गुलशन बिंदु
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की साख दांव पर न लगी होती तो अयोध्या का किला जीतना भाजपा के लिए आसान नहीं था। एक किन्नर प्रत्याशी की भाजपा को ये चुनौती अपने मिलनसार स्वभाव व सबके दुख-दर्द में खड़े होने के कारण थी। जबकि अयोध्या नगर निगम का तोहफा देने से लेकर यहां ऐतिहासिक जीत के लिए मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा दांव पर थी।
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खुद मुख्यमंत्री ने पांच दौरे किए, ऐतिहासिक दीपावली मनाई और तीन सौ करोड़ के विकास कार्यों का शुभारंभ ठीक चुनाव से पहले किया। इसके बाद भी यहां पड़े एक लाख वोटों में आधे भी भाजपा को न मिलना सवाल खड़े कर गया। हारकर भी लोगों का दिल जीतने वाली गुलशन बिंदू को गणना स्थल पर भाजपाई भी शाबासी देते दिखे। चुनाव परिणाम घोषित होने पर गुलशन फूट-फूटकर रोने लगीं तो भाजपाई ही उन्हें मनाने पहुंचे, आंसू पोंछे और बोले, अब आशीर्वाद दे दीजिए...।
 
अयोध्या नगर निगम की मतगणना में ये अंदाजा किसी को नहीं था कि जहां मुख्यमंत्री की साख दांव पर लगी हो, वहां सपा से लड़ रही किन्नर प्रत्याशी का इतना दमदार प्रदर्शन होगा। भगवा किला मानी जाने वाली अयोध्या में हर विधानसभा व लोकसभा चुनाव में भाजपा 10 से 15 हजार की बढ़त लेकर आगे रहती थी। मगर इस बार हर वार्ड में गुलशन ने कड़ी टक्कर दी।
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पहले चक्र की मतगणना में भाजपा के ऋषिकेश उपाध्याय को 1110 मत मिले तो सपा की किन्नर गुलशन बिंदू ने 864 मत हासिल किए। दूसरे चक्र में ये आंकड़ा क्रमश: 4762 व 3813 पहुंच गया। तीसरे चरण में भाजपा ने थोड़ी राहत की सांस लेकर 2164 मतों से बढ़त हासिल कर ली।
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इस तरह हर चरण में भाजपा को चुनौती देती रहीं बिंदू

विजेता प्रत्याशी ऋषिकेश उपाध्याय - फोटो : amar ujala
चौथे चरण की मतगणना में सपा प्रत्याशी, भाजपा से महज 945 मतों से पीछे थीं। इस चक्र तक भाजपा को 17581 तो सपा को 16576 मत प्राप्त हुए थे। पांचवें चरण में भाजपा को सपा से करीब दो सौ मत अधिक हासिल हुए, फिर भी असमंजस की स्थिति बनी रही। पांचवें चरण में भाजपा 21693 तो सपा 20534 मतों तक पहुंची थी। मगर छठे चरण में सपा ने फिर भाजपा से अधिक मत प्राप्त किए।

दोनों दलों के मतों का अंतर छठे चरण में 957 रह गया। इसमें भाजपा प्रत्याशी 26021 तो सपा 25064 मत हासिल कर चुके थे। सातवें चरण के परिणाम आने पर भाजपा को 1969 की बढ़त बनाई। आठवें चरण से भाजपाइयों चेहरे पर खुशी छाने लगी। इस चरण में भाजपा ने 2445 की बढ़त बनाई। आठवें चरण तक भाजपा को 34868 तो सपा को 32423 वोट मिले।

नवें चरण में भाजपा को सपा से महज दो सौ मत अधिक मिले। दसवें चरण के नतीजे पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में परिणाम प्रदर्शित करने लगे। इस चरण में भाजपा ने 3110 मतों की बढ़त हासिल की। 11वें चरण में भाजपा सपा से महज 206 मत ही अधिक पा सकी, लेकिन बढ़त बनी रही। 12वें चरण के नतीजे के बाद भाजपा की बढ़त 3459 पहुंच गई। अंतिम और निर्णायक चरण में ये बढ़त 3593 पहुंच गई।

अंतिम चरण की मतगणना के बाद प्राप्त परिणाम में भाजपा को 44628 तो सपा को 41035 मत प्राप्त हुए। इस तरह साफ है कि जहां नगर निगम की नौ अन्य सीटों पर भाजपा ने आसानी से परचम लहराया, वहीं सरकार के लिए प्रतिष्ठा पूर्ण अयोध्या की सीट पर हर कदम पर सपा प्रत्याशी गुलशन बिंदू किन्नर ने मजबूती से भाजपा का विजय रथ रोकने की कोशिश की।
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