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अयोध्या: सीईओ चुने जाने के बाद राम नगरी पहुंचे जितेंद्र मिश्रा, एयरपोर्ट से राम जन्मभूमि परिसर के लिए रवाना

Thu, 03 Sep 2026 11:43 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

Jitendra Mishra CEO: राम मंदिर ट्रस्ट में जितेंद्र मिश्र पहली बार सीईओ चुने गए। यह पद मिलने के बाद वह राम मंदिर परिसर पहुंच गए हैं। 
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अयोध्या पहुंचे राम मंदिर के सीईओ। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ ) नियुक्त किए गए पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद वह सीधे राम जन्मभूमि परिसर के लिए रवाना हो गए।

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ट्रस्ट ने बुधवार को हुई बैठक में पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला सीईओ नियुक्त किया था। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व कर चुके हैं और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। करीब चार दशक तक वायुसेना में सेवा देने के बाद वे इसी वर्ष 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए थे। राम जन्मभूमि पहुंचने के बाद उनकी पहली गतिविधियों और ट्रस्ट की नई प्रशासनिक व्यवस्था पर अब निगाहें टिकी हैं।

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कहा मन भावुक है

राम मंदिर के पहले सीईओ जितेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे। एयरपोर्ट पर एयरपोर्ट निदेशक  ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि चयन समिति और ट्रस्ट का धन्यवाद है। यह सब प्रभु श्रीराम की कृपा है। उन्होंने कहा कि देश की सेवा के बाद अब राम भक्तों की सेवा का अवसर मिला है, जिससे उनका हृदय भावुक है। मेरे जीवन की यह बड़ी अनुभूति है कि एक बार राष्ट्र की सेवा करने के बाद अब प्रभु श्रीराम, राम भक्तों और राम मंदिर ट्रस्ट की सेवा का अवसर मिला है।
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पहली बार हुई सीईओ की नियुक्ति 

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में हुए फैसले। - फोटो : अमर उजाला।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए पहली बार मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की गई है। सीईओ को ट्रस्ट का पेशेवर प्रशासनिक हाथ माना जा सकता है, लेकिन वह ट्रस्ट का स्थान नहीं लेगा। महामंत्री की ओर से तय नीतियों के अनुसार, सीईओ काम करेगा। इसलिए व्यवस्था का संभावित मॉडल ट्रस्ट नीति बनाएगा और सीईओ उसे जमीन पर लागू कराएगा।

ट्रस्ट फिलहाल इसी अधिकार विभाजन को स्पष्ट करने पर काम कर रहा है, ताकि महामंत्री और सीईओ के बीच भविष्य में अधिकारों का टकराव न हो। यानी सीईओ की सबसे बड़ी ताकत स्वतंत्र नीतिगत फैसले लेना नहीं, बल्कि राम मंदिर की विशाल और लगातार बढ़ती व्यवस्थाओं को एक पेशेवर प्रशासनिक सिस्टम के तहत चलाना होगा। 

ये पदाधिकारी बैठक में रहे मौजूद
इस बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने की। बैठक में नवनियुक्त महामंत्री गोविंद देव गिरि, जगतगुरु वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुरुष परमानंद, महंत दिनेंद्र दास, डॉक्टर कृष्ण मोहन, पदेन सदस्य जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, आमंत्रित सदस्य के रूप में महंत कमल नयन दास, बजरंग लाल बांगड़ा, विहिप के दिनेश चंद्र, ट्रस्ट के सचिव जगदीश आफले, राज गोपाल मिनियार, समीर पांडा शामिल रहे। इसके अलावा जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ, के परासरण के अलावा निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, केंद्र सरकार व राज्य सरकार के प्रतिनिधि ऑनलाइन बैठक से जुड़े।
 
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