रामलला को लगाया गया छप्पन भोग।
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वैशाख पूर्णिमा की शुरुआत रविवार शाम 6:55 बजे हो गई है। इसके चलते आम दिनों की अपेक्षा श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक रही। अयोध्या में उमड़े श्रद्धालुओं ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई और मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन किया गया। रामनगरी के कई मंदिरों में माता जानकी का छठ उत्सव धूमधाम से मनाया गया, विशेष अनुष्ठान हुए। रामलला को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया।
वहीं राम मंदिर से सटे राम निवास मंदिर में एक हॉल के निर्माण के लिए भूमि पूजन भी किया गया। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भूमि पूजन का अनुष्ठान संपन्न कराया। राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह निर्माण कराया जा रहा है। यहां श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भोजन मिलेगा, विश्राम करने की भी व्यवस्था होगी। इससे पहले रामलला के दरबार में 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
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वहीं रामनगरी के कई प्रमुख मंदिरों में जानकी जी का छठ उत्सव भी उल्लास पूर्वक मनाया गया। सरयू तट स्थित प्राचीन पीठ लक्ष्मण किला में विभिन्न अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। देर शाम बधाई गीतों की प्रस्तुति से माहौल भक्तिमय हो उठा। मंदिर के महंत मैथिली रमण शरण व अधिकारी सूर्य प्रकाश शरण के संयोजन में मंदिर में पूर्णिमा पर रविवार को विशेष अनुष्ठान हुए।
शाम होते ही मंदिर परिसर बधाई गीतों से गूंजना लगा। सखियों के नृत्य ने आकर्षण चुराया। जानकी महल ट्रस्ट में भी माता जानकी को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया। इसी तरह मणिराम दास की छावनी, श्रीराम बल्लभाकुंज, सियाराम किला सहित अन्य मंदिरों में जानकी छठ उत्सव मनाया गया।