अमावां मंदिर में स्थापित हुई बाल रूप में भगवान राम की मूर्ति
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अयोध्या मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और अगले कुछ ही दिनों में फैसला भी आने वाला है। इससे पूर्व ही अधिग्रहीत परिसर के करीब स्थित अमावां मंदिर में देवोत्थानी एकादशी पर शुक्रवार को पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल के निर्देशन में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य कमल पर विराजमान 4 फीट के बाल रूप में राम की मूर्ति की स्थापना की गई।
अमावां मंदिर के प्रबंधक किशोर कुणाल ने बताया कि शुक्रवार को विधिविधान पूर्वक बाल रूप भगवान राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। हमारा सपना था कि मंदिर में बाल रूप में भगवान राम की भव्य मूर्ति स्थापित की जाई।
संयोग ही है कि अयोध्या विवाद में फैसला भी आने वाला है, उससे पूर्व ही हमारे मंदिर में भगवान राम बाल रूप में विराजित हो गए हैं। बताया कि वे इसके लिए पांच वर्षों से प्रयासरत थे। इस मूर्ति के निर्माण में पांच वर्ष लग गए कई मॉडल को रिजेक्ट करने के बाद आसन मुद्रा में बाल रूप राम की मूर्ति फाइनल हुई थी।
अयोध्या में बाल रूप राम का यह पहला मंदिर है, पूरी तरह से एयरकंडीशन होगा। 4 फीट की भगवान राम की बाल रूप की मूर्ति रामलला का दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को करीब 200 मीटर दूर से ही दिखाई देगी।