अयोध्या के राम मंगल दास वार्ड जिसमें रामजन्मभूमि स्थल आता है के पार्षद हाजी असद अहमद का कहना है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन अधिग्रहित 67 एकड़ क्षेत्र से ही दी जाए जिससे कि एक तरफ मंदिर की घंटियां बजे और दूसरी तरफ अजान हो।
उन्होंने कहा कि इससे हिंदू व मुसलमानों के बीच भाईचारा और सौहार्द बढ़ेगा। बता दें कि अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन रामलला को सौंप दी और मस्जिद के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन दिए जाने का फैसला सुनाया। इसके साथ ही पांच दशक लंबे इस केस का कानूनी तौर पर निपटारा हो गया है।
वहीं, सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भी फैसले को स्वीकार कर लिया और कहा कि बोर्ड फैसले पर कोई पुनर्विचार याचिका नहीं दाखिल करेगा। बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारुकी ने कहा कि देश हित व राष्ट्रीय अमन कायम रखने के लिए हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कबूल करते हैं।