पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि फैसला अगर बारावफात से पहले आता है, तो उससे किस तरह निपटा जाए। इसके लिए अलग-अलग जिलों ने अपने स्तर से तैयारियां भी शुरू की हैं। लखनऊ में थाने स्तर पर ए और बी दो टीमें बनाई गई हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर पूरे थाने की फोर्स न भेजनी पड़े और ड्यूटी चार्ट पहले से निर्धारित रहे।
सी तरह मुरादाबाद में जिले के संभ्रांत लोगों के साथ मीटिंग की जा रही है और अफवाहों पर ध्यान न देने और शरारती तत्वों के खिलाफ पुलिस को सूचना देने की अपील की जा रही है। आगरा में आईजी स्तर पर अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह क्षेत्र में भ्रमण पर रहें और ऐसे लोगों के संपर्क में रहें जिनकी समाज में स्वीकार्यता अधिक हो।
आईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि इसे लेकर विशेष तौर पर सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है। फैसले को लेकर किसी तरह की अफवाह को रोकने के लिए डिजिटल वालंटियर और क्षेत्र के संभ्रांत लोगों की मदद ली जाएगी। साथ ही अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पिछले 15 दिनों में ही सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले 150 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। 20 से अधिक लोगों को आईटी एक्ट व अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया गया है। आगे भी कोई माहौल खराब करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ रासुका लगाने तक पर भी विचार किया जाएगा।