डॉ. रामविलास वेदांती
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अयोध्या स्थित ढांचा ध्वंस मामले में आरोपी डॉ. राम विलास वेदांती का बयान दर्ज किया गया। विशेष न्यायाधीश एसके यादव ने मामले की सुनवाई के लिए 10 जून की तारीख तय करते हुए आरोपी पवन कुमार पांडेय, बृज भूषण शरण सिंह और सतीश प्रधान को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है।
वेदांती ने कोर्ट में दर्ज कराए बयान में पूरे मामले को राजनीतिक रंजिश के कारण चलाया जाना बताया है। उन्होंने इस मामले में खुद को निर्दोष बताया। कहा कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। वेदांती ने उनके ऊपर लगाए गए इस आरोप को नकार दिया कि उन्होंने 6 दिसंबर 1992 को अन्य आरोपियों के साथ मिलकर ढांचा गिराने का षड्यंत्र किया।
साथ ही कार सेवकों के साथ मिलकर ढांचा गिराकर उसके द्वार पर लगे मीरबाकी के शिलालेख को उठा ले गए। वेदांती से कोर्ट ने जब पूछा कि गवाहों ने अपने बयान में बताया है कि घटना वाले दिन लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, अशोक सिंघल, पवन पांडेय, विनय कटियार समेत तमाम नेता घटनास्थल पर मौजूद थे।
जिन्होंने भाषण दिए और भीड़ को उकसाया तथा ढांचा गिराया गया और खुशी मनाई गई तो वेदांती ने इसे भी गलत बताते हुए नकार दिया। वेदांती ने इस घटना को लेकर उनके खिलाफ गवाहों द्वारा दिए गए बयानों को भी गलत व झूठ बताया है।