अब अगर कोई व्यक्ति आवास विकास का दो प्लॉट लेता है तो जोड़कर एक मकान बनाया जा सकेगा। इसके लिए उसे दो प्रतिशत का शुल्क देना होगा। वहीं चार भूखंड को जोड़कर व्यावसायिक भवन भी बनाया जा सकेगा। इसके लिए 5 प्रतिशत शुल्क देना होगा। यह निर्णय उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की बोर्ड बैठक में लिया गया।
बैठक में कुल 34 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 30 को स्वीकृति मिल गई। नए निर्णय के तहत अब सरकारी कर्मचारियों को 50 फीसदी रकम जमा करने पर आवास विकास के फ्लैट पर कब्जा दिया जाएगा। इसका लाभ निगम और अर्धसरकारी कर्मचारियों को भी मिलेगा। खास बात यह है कि 70 प्रतिशत रकम जमा करने पर सेवानिवृत्त कर्मी भी इसका लाभ उठा सकेंगे। बाकी रकम छह से 10 साल में चुकानी होगी।
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बैठक में 15 मीटर से ऊंचे टॉवर के स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने पर भी सहमति बनी है। नए आवेदकों पर यह नियम लागू होगा। परिषद की ओर से आईआईटी के विशेषज्ञों से ऑडिट कराया जाएगा। इसके बाद ही पूर्णता प्रमाण पत्र जारी होगा।
अब एक व्यक्ति भी लगा सकेगा बोली
बैठक में निर्णय हुआ कि किसी भूखंड के लिए 10 से ज्यादा नीलामी विज्ञापन के बाद भी हर बार एक ही व्यक्ति आता है तो उसे अस्वीकृत नहीं किया जाएगा। नए नियम के तहत किसी भूखंड की नीलामी के लिए विज्ञापन जारी होगा, इसके बाद उसकी नीलामी कर दी जाएगी। पूर्व में एक व्यक्ति के बोली लगाने पर भूखंड की नीलामी निरस्त कर दी जाती थी।