एक तो चोरी, उस पर से सीनाजोरी...। राजधानी में ऑटो ड्राइवरों पर यह कहावत चरितार्थ होती है।
वहीं परिवहन विभाग उनकी इस मनमानी को रोकने में विफल साबित हो रहा है। बल्कि नौबत तो यहां तक आ पहुंची है कि जांच दस्ते को जान बचाने के लिए चुपके से खिसकना पड़ रहा है।
बुधवार को चारबाग में अधिक किराया वसूल रहे ऑटो वालों के खिलाफ कार्रवाई को पहुंचे एआरटीओ का घेराव किया गया।
चालकों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस दौरान डेढ़ घंटे तक ऑटो का संचालन ठप रहा। प्रदर्शन उग्र होता देख चेकिंग दस्ता खिसक लिया। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा तो जाम खत्म हुआ।
सवारियों की शिकायत पर मंगलवार पूर्वाह्न 11:30 बजे चारबाग स्थित रवींद्रालय के सामने एआरटीओ आरपी सिंह चेकिंग दस्ते के साथ पहुंचे और न्यूनतम किराया दो रुपये के बजाय छह रुपये वसूलने वाले ऑटो ड्राइवरों का चालान करना शुरू कर दिया।
कुछ ही ऑटो पर कार्रवाई हुई थी कि 100-150 ड्राइवरों ने चेकिंग दस्ते का घेराव कर आरटीओ की मनमानी नहीं चलेगी का नारा लगाते हुए चेतावनी दी कि वह न्यूनतम किराया छह रुपये ही वसूलेंगे।
देखते-देखते ही चारबाग में सड़क जाम हो गई और ऑटो का संचालन ठप हो गया। प्रदर्शनकारी चालान निरस्त करने की मांग करने लगे।
प्रदर्शनकारियों ने अवैध रूप से सवारी ढो रही ठाकुर ट्रांसपोर्ट की एक बस को पकड़ कर एआरटीओ से जबरिया चालान कराया तभी चौकी प्रभारी ने लाठी फटकार कर ड्राइवरों को खदेड़ा। तब वह घेराव से मुक्त हुए और आवागमन चालू हुआ।