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लखनऊः मेट्रो रूट से जल्द हटाए जाएंगे ऑटो और सिटी बसें, जानें- वजह

Thu, 15 Oct 2020 02:46 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मेट्रो में अभी उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं उमड़ रही है। ऐसे में इसकी सवारियों की संख्या में इजाफा करने के लिए मेट्रो रूट पर चल रहीं सिटी बसें और ऑटो बहुत जल्द हटाए जाएंगे। शासन स्तर पर इस सिलसिले में बैठक होगी, जिसमें संभागीय परिवहन कार्यालय की तरफ से सिटी बसें और ऑटो हटाने का प्रस्ताव पेश होगा। 
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संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन आरपी द्विवेदी ने बताया कि यह फैसला पहले का ही है, जो काफी दिनों से टल रहा था। अब प्रमुख सचिव नगर विकास की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। मेट्रो के समानांतर रूट से हटाई जाने वाली सिटी बसें और ऑटो के लिए नए रूट की तलाश शुरू हो चुकी है। गौरतलब है कि इस रूट पर 26 सिटी बसें और करीब एक हजार ऑटो सवारी ढोते हैं।  
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मेट्रो का किराया अधिक होने से जनता को नुकसान

मेट्रो के समानांतर चलने वाली सिटी बसें और ऑटो हटाए जाने से आम जनता का ही नुकसान होगा। इसकी वजह मेट्रो के मुकाबले सिटी बस और ऑटो का किराया कम होना है। अमौसी से चारबाग तक की दूरी का मेट्रो का किराया 30 रुपये है। वहीं, ऑटो का इतनी दूरी का किराया 25 और बस का किराया 20 रुपये है। ऐसे में जो लोग मेट्रो के बजाय सिटी बस से अमौसी से चारबाग आते हैं तो उनका 10 रुपये का किराया बचता है। 

अमौसी से मुंशीपुलिया सबसे बड़ा समानांतर रूट
मेट्रो के समानांतर सबसे बड़ा रूट अमौसी से मुंशीपुलिया है। इस पर सिटी बसें और ऑटो सवारियां ढो रही हैं। अमौसी से कृष्णानगर, सिंगारनगर, आलमबाग, मवैया, दुर्गापुरी, चारबाग, हुसैनगंज, सचिवालय, हजरतगंज, विश्वविद्यालय, आईटी कॉलेज, बादशाहरनगर, लेखराज, भूतनाथ के बीच सवारियां ढोई जाती हैं।
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