शुक्रोदय के बाद लग्नें बृहस्पतिवार से फिर आठ दिन के लिए शुरू होने जा रही हैं। बैंड, बाजा, बारात का सिलसिला 14 जुलाई तक चलेगा। सहालगों के दौर के बाद ये दौर 15 को देवशयनी एकादशी केचलते रुकेगा, उसके बाद लगभग 4 महीनों तक लंबा ब्रेक लगा रहेगा।
डालीगंज निवासी पं. कृष्णकांत ने बताया कि दो मई को शुक्रास्त होने के चलते मई और जून में रुकी सहालगें 7 जुलाई से शुरू हो रही हैं।
7 जुलाई से लग्नों का दौर शुरू होगा, जो कि 14 जुलाई तक चलेगा। 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13 और 14 जुलाई को सहालगें रहेंगी। इसके बाद 15 जुलाई से देवताओं के सोने केचलते (हरिशयनी एकादशी से) लग्नें थम जाएंगी।
10 नवंबर को देवोत्थानी एकादशी के बाद से लग्नें शुरू हो जाएंगी। 14-15 दिसंबर से खरमास लगने के चलते विवाह रुकेंगे। महज 8 दिनों की सहालग केचलते हर दिन शादी-बारातों के अलावा तमाम आयोजन भी होने हैं। पंडितों के पास भी जबरदस्त बुकिंग हैं।
टेंट कारोबारी, बैंड बाजा वालों की बुकिंग हफ्ते भर की सहालग के लिये पूरी बुक हैं। मानसून जोरों पर होने के चलते वाटरप्रूफ पांडाल डिमांड की जा रही है।