धनतेरस यानी धनत्रयोदशी। हर कोई खुशियों की सौगात घर लाना चाहता है। कहते हैं धनतेरस पर खरीदारी स्थायी सुख-समृद्धि लाती है।
तो फिर तैयार हो जाइए खरीदारी के लिए। वैसे तो पूरा दिन खरीदारी कर सकते हैं, पर ज्योतिषी कुछ खास मुहूर्त बता रहे हैं। इस दौरान खरीदारी करना उत्तम रहेगा।
मंगलवार को सुबह से शाम तक ऐसे कई मुहूर्त बन रहे हैं। महानगर निवासी आचार्य प्रदीप बताते हैं कि सोमवार रात 10:50 बजे तक ही द्वादशी रहेगी, उसके बाद से त्रयोदशी शुरू हो जाएगी।
धनत्रयोदशी का मान मंगलवार रात 12:36 बजे तक रहेगा। उनका कहना है कि सोना को शुभ लग्न में खरीदने से धन की देवी लक्ष्मी का आगमन सदैव ही रहता है।
धनतेरस पर स्थिर और अस्थिर लग्नों में खरीदारी के विशेष योग हैं।
गोधूलि बेला में करें पूजा
वृष लग्न में करें आदिवैद्य भगवान धन्वंतरि की पूजा
धनतेरस पर आदिवैद्य भगवान धन्वंतरि का पूजन भी किया जाएगा।
पं. बीआर मिश्र बताते हैं कि इसे कामेश्वरी जयंती के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पूजन से कामनाएं पूरी होती हैं।
पूजन में बढ़ोतरी होने वाली वस्तुओं को रखना शुभ होता है। मंगलवार शाम को वृष लग्न में 6:49 बजे से रात्रि 8:45 बजे के बीच पूजा करना श्रेयस्कर रहेगा।
पूजन के लिए गोधूलि बेला भी उत्तम मुहूर्त है।
जानें कब क्या ख्ररीदें
जमीन, मकान, दुकान, आभूषण, सोना, चांदी एवं अन्य कीमती धातुएं- सुबह 8:02 बजे से 10:20 बजे तक । दोपहर 2:10 बजे से 3:41 बजे तक। शाम को 6:49 बजे से रात 8:45 बजे तक।
वाहन, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स एवं वस्त्र- सुबह 10:20 बजे से दोपहर 2:10 बजे तक दोपहर 3:41 बजे से शाम 6:49
बजे तक।
ऋण मोचन पाठ दिलाएगा कर्ज से मुक्ति
पं. बीआर मिश्र के मुताबिक इस दिन ऋण मोचन स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। पाठ कर्जों से मुक्ति दिलाता है।
पद्मपुराण के मुताबिक कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी ‘धनत्रयोदशी’ पर विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।