नव संवत्सर ‘कीलक’ 21 मार्च से शुरू हो रहा है। इसमें हर दूसरे दिन शहनाइयों की गूंज घरों में और बैंड बाजों की धूम सड़कों पर सुनाई देगी।
ज्योतिषियों के मुताबिक इस बार नव संवत्सर में 94 शुभ वैवाहिक लग्नें मिलेंगी। लग्नों का ये सिलसिला गर्मियों के अलावा जाड़ों में भी जारी रहेगा।
पूरे संवत्सर मे सबसे ज्यादा 21 लग्नें मई में मिलेंगी, जबकि सबसे कम 5 लग्नें नवंबर महीने में रहेंगी।
अधिकमास, चार्तुमास और खरमास के चलते लगभग छह माह से अधिक समय तक लग्नें नहीं है।
महानगर निवासी आचार्य प्रदीप ने बताया कि इस बार 21 मार्च से शुरू हो रहे नवसंवत्सर में अधिक मास-मलमास होने के बावजूद विवाहादि कामों के लिए 94 लग्नें मिल रहीं हैं।