उन्नाव के भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
- फोटो : amar ujala
इस मामले में उन्नाव के भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने कहा कि मुझ पर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि ये सब कुछ प्री-प्लान था। इनके घर में एक घटना हुई थी लेकिन इन लोगों ने कुछ निर्दोषों को फंसाया था। हालांकि, पुलिस ने उसे बचा लिया।
विधायक का कहना है कि जिस महिला ने मुझ पर आरोप लगाया है, उसका और उसके परिवार का सोचना है कि मैंने ही निर्दोषों को बचाने में मदद की इसलिए इन लोगों ने मुझे बदनाम करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। विधायक ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में गहनता से छानबीन कर जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पीड़िता की दादी का आरोप है कि विधायक ने शशी सिंह नाम की महिला के सहयोग से दुष्कर्म किया था। जब पीड़िता की मां ने विधायक व शशी के खिलाफ कोर्ट में केस के लिए आवेदन किया तभी से दबाव बनाया जाने लगा था। तीन अप्रैल को पीड़िता का पिता गांव पहुंचा तो उस पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। जब विरोध किया तो विधायक के भाई जयदीप उर्फ अतुल सिंह, प्रशांत सिंह, बउवासिंह, विनीत, सोनू सिंह, अरुण सिंह सहित दर्जनों लोगों ने उस पर हमला बोल दिया। पीड़िता के पिता को पेड़ से बांधकर पिटाई की। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल होने के बाद भी पुलिस ने उसे विधायक के दबाव में जेल भेज दिया। इसका विरोध करने जब परिवार की महिलाएं विधायक के आवास पर पहुंची तो उनके साथ बदसलूकी की गई। पुलिस ने वापस भेज दिया।
रेप पीड़िता का परिवार रविवार सुबह करीब 10 बजे मुख्यमंत्री आवास पर पहुंच गया। एक घंटे तक परिवार के सभी सदस्य वहां मुख्यमंत्री से मिलने का प्रयास किया, जब सफलता नहीं मिली तो 11 बजे के करीब रेप पीड़िता ने केरोसिन ऑयल शरीर पर डालने का प्रयास किया। इसी दौरान युवती पर पुलिस की नजर पड़ गई। पुलिस ने तत्काल उससे केरोसिन ऑयल का डिब्बा छीन लिया। इसके बाद पूरे परिवार को पकड़ने का सिलसिला शुरु हुआ।
करीब 15 मिनट की मशक्कत के बाद पुलिस ने परिवार के सभी सदस्यों को गौतमपल्ली थाने लेकर गई। वहां इंस्पेक्टर विजय सेन सिंह ने पूछताछ की, तो विधायक पर आरोप लगाते हुए एक पत्र दिया। जब इसकी जानकारी इंस्पेक्टर अधिकारियों और उन्नाव पुलिस को देर रहे थे। इसी बीच पीड़ित परिवार ने थाने में हंगामा शुरू कर दिया। थाने में तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने परिवार के लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान उनके सामानों की जांच की गई तो एक बैग से केरोसिन ऑयल से भरा एक डिब्बा मिला। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
मुख्यमंत्री आवास और गौतमपल्ली थाने में रेप पीड़िता के परिवारीजनों के हंगामे की खबर सुन एडीजी राजीव कृष्ण ने बुला लिया। करीब 25 मिनट तक परिवार से पूरे मामले की जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्होंने कहा कि रेप और मारपीट के दोनों को केसों की जांच लखनऊ के किसी अधिकारी से कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर माखी पुलिस ने विधायक को बचाने के लिए रेप के केस से नाम हटाया है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। देर शाम को माखी पुलिस के पहुंचने केबाद पूरा परिवार उन्नाव केलिए रवाना हो गया।