झांसी एसडीएम ऑफिस से सेना की सूचनाएं आईएसआई को देने वाले की पहचान आज यूपी एटीएस की टीम ने कर ली। एसडीएम कार्यालय में कार्यरत स्टेनो राघवेंद्र अहिरवार पिछले 9 साल से सेना से जुड़ी जानकारियां आईएसआई को दे रहा था। एटीएस की पूछताछ में उसने ये बात स्वीकार की है।
उसने बताया कि एसडीएम सदर कार्यालय में नियुक्ति के दौरान भारतीय सेना से प्राप्त पत्राचारों और अभिलेखों के रख-रखाव की जिम्मेदारी उसपर है। बबीना फील्ड रेंज में फायरिंग प्रैक्टिस के लिए भारतीय सेना की कई युनिट्स आती रहती हैं, जिसकी सूचना गोपनीय तौर पर जिलाधिकारी को भी भेजी जाती है और एक कॉपी एसडीएम सदर के पास भी आती है।
आईजी यूपी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि 2009 से एसडीएम सदर के दफ्तर में कार्यरत राघवेंद्र को एक फोन बबीना में मेजर यादव के नाम से आता था, जो इन पत्रों के सम्बंध में जानकारी लेता था। एटीएस ने जब राघवेंद्र द्वारा दिए गए नंबर की जांच पड़ताल की तो वह एक इंटरनेट नंबर निकला।
आईजी ने आगे बताया कि आईएसआई द्वारा पहले भी इस तरह के प्रयोग किए जा चुके हैं, लेकिन इस मामले में सूचनाएं पिछले 9 साल से लीक हो रहीं थी।
सेना से जब इस सम्बंध में जानकारी की गई तो पता चला मेजर यादव नाम का कोई व्यक्ति बबीना में कार्यरत नहीं है। राघवेंद्र पर शासकीय गोपनीयता अधिनियम के उल्लघन का अपराध है जिसकी सजा 7 साल से कम है, इसलिए राघवेंद्र की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। एटीएस पिछले नौ सालों में तैनात एसडीएम की भूमिका की भी जांच कर रही है।