राजधानी के सरोजनीनगर में सोमवार दोपहर दुस्साहसी बदमाशों ने निजी कंपनी चेकमेट सिक्योरिटी की कैश वैन पर फिल्मी अंदाज में ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर करीब सात लाख रुपयों से भरा बैग लूट लिया। वैन के ड्राइवर, गनर और गार्ड गंभीर रूप से घायल हैं। इन्हें ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस को मौके से .32 बोर के दो खोखे मिले हैं जबकि एक खोखा वैन के विंड स्क्रीन पर धंसा मिला है।
एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि वारदात काले रंग की अपाचे बाइक सवार तीन बदमाशों ने की है। दो बदमाश चेहरा ढके थे जबकि एक हेलमेट पहने था।
उन्होंने बताया कि पीजीआई की साउथ सिटी कालोनी स्थित चेकमेट सिक्योरिटी कंपनी विभिन्न एजेंसियों का कैश एकत्र कर उसे बैंक में जमा कराती है। सोमवार दोपहर करीब पौने तीन बजे सरोजनीनगर के ट्रांसपोर्टनगर स्थित जेएस कूरियर कंपनी से 6,75,000 रुपये लेकर वैन न्यू गुढ़ौरा पुल की सर्विस लेन से होते हुए आशियाना जाने के लिए डिवाइडर पर पहुंची कि बदमाशों ने घेर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बदमाश रिवाल्वर और पिस्टलें निकालकर बीच सड़क पर खड़े हो गए। सामने से आ रही वैन को निशाना बनाते हुए उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। ड्राइवर चिरैयाबाग निवासी कृपाशंकर ने ब्रेक लगा दी।
...और इस तरह लूट लिए रुपयों से भरा बैग
इसी बीच एक बदमाश आगे बढ़ने लगा जबकि दूसरे की पिस्टल की गोलियां खत्म हो गईं और वह दूसरी मैगजीन लोड करने लगा। कृपाशंकर और बगल में बैठे शीतलखेड़ा निवासी गनर राजाराम पांडे के दायें हाथ में एक-एक गोली लगी जबकि आलमबाग निवासी कंपनी के एजेंट अमरीश सिंह की छाती पर एक गोली लगी है।
दहशतजदा ड्राइवर जान बचाने के लिए वह वैन से कूदकर भाग गया। इसी बीच एक बदमाश वैन के पास आया और अमरीश के पास रखा रुपयों से भरा काले रंग का बैग लूट लिया। बैग लेकर तीनों बदमाश बाइक से आशियाना की तरफ भाग गए।
सनसनीखेज वारदात की सूचना पाकर आई पुलिस ने तीनों घायलों को अस्पताल भेजा। आईजी जकी अहमद, डीआईजी आरके चतुर्वेदी, एसएसपी राजेश पांडेय और एएसपी पूर्वी रोहित मिश्रा सहित संबंधित सीओ व कई थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। अफसरों ने बाइक सवार लुटेरों की लाश में शहर की नाकाबंदी कराई गई लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका था।
बैंक में जमा करा चुके थे जमा रकम का बड़ा हिस्सा
चेकमेट सिक्योरिटी कंपनी के मैनेजर विजय चौहान ने बताया कि वैन सुबह साढ़े दस बजे ऑफिस से निकली और चंदरनगर होते हुए फीनिक्स मॉल होते हुए दो जगह से पैसा एकत्र कर ट्रांसपोर्टनगर स्थित कूरियर एजेंसी पहुंची थी।
उन्होंने बताया कि कूरियर एजेंसी से कैश उठाने से पहले ही एजेंट ने पहले से जमा करीब 15 लाख रुपये बैंक भेज दिए थे। यह पूरी रकम एसबीआई में जमा होनी थी। बदमाशों को सिर्फ वही रकम मिली जो कूरियर एजेंसी से उठाई गई थी। यह रकम हजरतगंज में राजभवन के पास स्थित एक्सिस बैंक में जमा होनी थी।
नकाब खिसका तो पुल के नीचे छिपे ड्राइवर ने देखा चेहरा
कृपाशंकर ने बताया कि गोली लगते ही वह जान बचाने के लिए वैन से कूदकर भागा और पास ही पुल के नीचे छिप गया। इसी बीच एक बदमाश वैन के पास आ गया। कृपाशंकर का कहना है कि बैग छीनते वक्त बदमाश का नकाब खिसक गया और उसने बदमाश के चेहरे की झलक देख ली।
ट्रामा सेंटर पहुंचे डीआईजी को चालक ने बताया कि बदमाश का चेहरा पतला था और उसने पूरी दाढ़ी रखी हुई थी। कृपाशंकर ने बदमाश के सामने आने पर उसे पहचानने की बात कही है।
वारदात के गवाह चाय बेचने वाले दो लड़कों से पूछताछ
बदमाशों के वैन का इंतजार करने से लेकर बैग लेकर भागने तक का पूरा घटनाक्रम पास ही चाय का खोमचा लगाने वाले अजीत कुशवाहा व एक अन्य युवक ने अपनी आंखों से देखा। पुलिस दोनों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि युवक कुछ देर पहले ही वहां आए थे और वैन का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान युवकों ने पास की दुकान में चाय, सिगरेट या गुटखा खरीदा होगा। चाय बेचने वाले लड़कों से उनके हुलिए के बारे में जानकारी ली जा रही है। उनकी जानकारी के आधार पर ही लुटेरों का स्केच बनवाया जाएगा।
तेलीबाग तक मिली बदमाशों की लोकेशन
वारदात के बाद भागे बदमाशों की लोकेशन तेलीबाग तक मिली है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक काले रंग की अपाचे बाइक का नंबर कानपुर (यूपी 75 डीडी) का बताया गया है।
वारदात के बाद बदमाश हवाई फायरिंग करते हुए शहीद पथ की सर्विस लेन से तेलीबाग की तरफ भागे थे। बदमाशों की बाइक रायबरेली रोड पर तेलीबाग तक देखी गई है।
क्राइम ब्रांच सहित तीन टीमें गठित
वारदात में शामिल बदमाशों को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच सहित तीन टीमें गठित की गई हैं। पुलिस के मुताबिक बदमाशों तक पहुंचने के लिए सरोजनीनगर से पीजीआई क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई जा रही है।
पुलिस का मानना है कि बदमाश रायबरेली की तरफ भाग सकते हैं। पुलिस की एक टीम रायबरेली व एक टीम बाराबंकी भेजी गई है। बाइक के रंग और अधूरे नंबर के आधार पर मालिक का पता लगाने के लिए कानपुर पुलिस से भी संपर्क किया गया है।