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Atiq Ahmed Shot Dead: उमेश हत्याकांड के बाद UP का सबसे दुर्दांत अपराधी बन गया था अतीक, 40 साल में पहली बार सजा

Sun, 16 Apr 2023 06:49 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

असद के एनकाउंटर के 72 घंटे भी नहीं बीते थे कि शूटरों को पालने का शौक रखने वाले अतीक और उसका भाई अशरफ खुद तीन शूटरों की गोली का शिकार बन गए। बताते चलें कि उमेश पाल हत्याकांड से पहले अतीक और उसके कुनबे के खिलाफ कुल 164 मुकदमे दर्ज रहे हैं। 
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माफिया अतीक अहमद और उमेश पाल। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक अहमद प्रदेश का सबसे दुर्दांत अपराधी बन गया था। इससे पहले इस फेहरिस्त में पहले मुख्तार अंसारी का नाम दर्ज था जबकि, अतीक पर मुख्तार से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। उमेश पाल और दो सरकारी गनर की हत्या ने अतीक को पहले बेटे असद को खोने का गम दिया। 
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असद के एनकाउंटर के 72 घंटे भी नहीं बीते थे कि शूटरों को पालने का शौक रखने वाले अतीक और उसका भाई अशरफ खुद तीन शूटरों की गोली का शिकार बन गए। बताते चलें कि उमेश पाल हत्याकांड से पहले अतीक और उसके कुनबे के खिलाफ कुल 164 मुकदमे दर्ज रहे हैं। 

बीते छह वर्षों में अतीक और उसके करीबियों की 1153 करोड़ की संपत्तियों को भी जब्त या ध्वस्त किया गया। पुलिस ने अतीक के आर्थिक साम्राज्य पर चोट करने के लिए ठेके-टेंडर से होने वाली 200 करोड़ से अधिक की आमदनी के सारे स्रोत भी बंद करा दिए थे। 
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वहीं ईडी ने भी अतीक पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। उसने बीते मंगलवार को अतीक के रिश्तेदार, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, करीबी कारोबारियों के ठिकानों पर छापे मारकर 150 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग के सुबूत एकत्र किए थे।

माफिया अतीक अहमद छह साल से सलाखों के पीछे रहने के बावजूद अपना साम्राज्य यूं ही नहीं चला रहा था। उसके कई ऐसे मददगार हैं, जो उसके लिए पैसे जुटाते थे। उसके एक इशारे पर पत्नी शाइस्ता परवीन को बताई गई रकम पहुंचा देते थे। बदले में अतीक अपने गुर्गों के जरिये उनकी मदद करता था। फिलहाल उसने ऐसे 14 नाम बताए हैं। माना जा रहा है कि इन पर भी पुलिस शिकंजा कसेगी।

यह खुलासा खुद अतीक ने कस्टडी रिमांड के तीसरे दिन धूमनगंज पुलिस के सामने किया। शुक्रवार देर रात करीब दो घंटे तक अतीक व अशरफ से पूछताछ करने के बाद शनिवार को भी उनसे सवाल पूछने का सिलसिला जारी रहा। सूत्रों का कहना है कि तीसरे दिन अतीक व अशरफ से पूछताछ में पुलिस का जोर इस बात की जानकारी जुटाने पर रहा कि जेल में रहने के बावजूद आखिर दोनों कैसे अपना साम्राज्य चलाते रहे। इस दौरान पूछताछ में यह बात सामने आई कि यह खेल उन मददगारों के जरिये किया जाता रहा, जो माफिया भाइयों के लिए फंडिंग करते हैं।

अतीक ने पूछताछ में बताए 14 नाम

सूत्रों के मुताबिक, अतीक ने पूछताछ में ऐसे 14 नाम बताए हैं। बताया है कि उसके एक इशारे पर यह लोग बताई गई रकम उसकी पत्नी शाइस्ता के पास पहुंचा देते हैं। बदले में यह उनको संरक्षण प्रदान करता है। किसी भी तरह की अड़चन आने पर जेल से ही अपने गुर्गों के जरिये उनको हर तरह की मदद करता है। इस सूची में ज्यादातर बिल्डर या प्रॉपर्टी डीलिंग का धंधा करने वाले हैं, ऐसे में उनके प्रोजेक्ट के लिए जमीनों को औने-पौने दामों पर दिलवाने में भी उनकी मदद करता है।

ज्यादातर प्रॉपर्टी के धंधे में
सूत्रों के मुताबिक अतीक ने जो 14 नाम बताए हैं, उनमें से 11 नाम ऐसे हैं जो मौजूदा समय में प्रॉपर्टी के धंधे में लगे हुए हैं। इनमें कालिंदीपुरम, चकिया, मरियाडीह, बम्हरौली के अलावा असरौली, कौशाम्बी के महगांव और बेली के रहने वाले कुछ प्रॉपर्टी डीलर शामिल हैं। यह किसानाें की जमीन को औने-पौने दामों में एग्रीमेंट करा लेते हैं। इसके बाद इन्हीं जमीनों को प्लाटिंग कर ऊंचे दामों पर बेचकर तगड़ा मुनाफा कमाते हैं।

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चुनाव के लिए जुटाई थी रकम
अतीक से पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि पत्नी शाइस्ता को मेयर का चुनाव लड़ने व बसपा में शामिल होने को उसने ही कहा था। उसके पार्टी ज्वाइन करते ही अतीक ने रुपयों का इंतजाम करना भी शुरू कर दिया था। इसी के तहत उसने वर्तमान में लखनऊ में रह रहे मो. मुस्लिम से 80 लाख रुपये लिए थे।

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