देवरिया जेल से जिस वज्र वाहन में अतीक को बरेली लाया गया था उसमें वह बंदियों की तरह पीछे नहीं बैठा था। बल्कि उसको ड्राइवर की पीछे वाली सीट दी गई। वहीं, अब जेल के अंदर भी माफिया देवरिया की ही तरह फरमाइशें कर रहा है।
बरेली में ठिकाना बना सकते हैं गुर्गे
खुफिया विभाग की टीम भी जेल के इर्द-गिर्द की संदिग्ध मूवमेंट पर निगाह बनाकर रखे हुए हैं। माना जा रहा है कि अतीक के गुर्गे शहर में किराये के मकान लेकर रह सकते हैं। इसलिए किरायेदारी सत्यापन को लेकर अधिक सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
अतीक अहमद की बर्बरता के निशान।
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माफिया अतीक अहमद ने देवरिया जेल की बैरक नंबर सात को यातना गृह में तब्दील कर दिया था। यहीं पर उसका दरबार भी सजता था। इस यातना गृह में उसने 20 महीने में कई लोगों की चमड़ी उधेड़ी थी। क्राइम ब्रांच ने फिलहाल ऐसे 8 लोगों को ढूंढ निकाला है, जिनपर अतीक ने जुल्म ढाया था।
पड़ताल में खुलासा हुआ कि जेल में अतीक के दरबार में उसके गुर्गे जेलकर्मियों की मिलीभगत से बेरोकटोक आते-जाते थे। पुलिस ने अतीक और देवरिया जेल में बंद उसके चार गुर्गों को कोर्ट में तलब कराने के लिए भी वारंट जारी कराया है।
माफिया अतीक अहमद के गोमतीनगर के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल को अगवा करके देवरिया जेल में बंधक बनाकर पिटाई और कंपनी गुर्गों के नाम कराने के मामले की पड़ताल में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
देवरिया जेल की बैरक नंबर 7 में 3 अप्रैल 2017 से 31 दिसंबर 2018 के बीच अतीक और उसके गुर्गों ने कई लोगों की चमड़ी उधेड़ी थी। जेल से उसके इशारे पर गुर्गों ने यातनाएं देकर रंगदारी वसूली और जमीन पर कब्जे किए।
मोहित जायसवाल प्रकरण में फरार अतीक के बेटे उमर और गुर्गों की तलाश में छापामारी के साथ क्राइम ब्रांच ने आठ ऐसे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जिनकी देवरिया जेल की बैरक नंबर-7 में चमड़ी उधेड़ी गई थी। अतीक की दहशत के चलते इन लोगों ने पुलिस से शिकायत नहीं की।