27 मार्च को अटल बिहारी बाजपेई को भारत रत्न दिया जाएगा। बाजपेई को भारत रत्न देने का फैसला करने वाले मोदी के साथ अटल के रिश्ते कैसे रहे हैं इसकी बानगी ये वीडियो है।
2001 के गुजरात दंगों के बाद नरेंद्र मोदी की विश्वसनीयता संकठ में थी। राजनीतिक जानकार यह मानते हैं कि उस समय तत्कालिन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई ने मोदी को मुख्यमंत्री पद से हटाने की सोच ली थी लेकिन पार्टी के दूसरे नेता ऐसा नहीं चाहते थे।
ऐसे कयास लगाए जाते हैं कि मोदी को लेकर अटल बिहारी बाजपेई पार्टी में अकेले पड़ गए थे। उसी समय बाजपेई ने गुजरात दौरा किया।
गुजरात के दंगा प्रभावित शहरों में दौरा करने के बाद प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई और मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेस की।
इस प्रेस वार्ता में ही पहली बार 'राजधर्म' को जुमला सामने आया था। बाजपेई ने नरेंद्र मोदी से गुजरात की जनता के साथ राजधर्म निभाने की बात कही थी।
इस वीडियो में आप देखेंगे कि जैसे ही अटल बिहारी मोदी से राजधर्म ने निभाने के लिए कहते हैं मोदी उसी समय व्यंग्य भरे लहजे में कहते हैं कि "वही तो कर रहा हूं साहब"।
जब-जब बाजपेई और मोदी के बीच रिश्तों की बात आती है इस वीडियो का जिक्र हमेशा ही होता है। इस वीडियो में मोदी, बाजपेई की लगभग खिल्ली उड़ाते हुए दिखते हैं।
देखिए यह वीडियो