11 जुलाई को 159, 12 को 161, 13 को 196 और 14 को 152 मरीज मिले। स्वास्थ्य विभाग ने मूल्यांकन किया तो पाया की इन तिथियों में मिले तमाम मरीज एक ही परिवार के हैं। परिवार के जिस व्यक्ति से घर में वायरस आया उसमें भी किसी तरह के लक्षण नहीं थे और घर में नियमित तौर पर रहने वालों की जांच की गई तो उनमें भी लक्षण नहीं पाए गए, लेकिन रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। चार दिन के इस ग्राफ ने स्वास्थ्य विभाग की चुनौती बढ़ा दी है, क्योंकि अब वायरस की चेन तय कर पाना कठिन होता जा रहा है।
राजधानी में बिना लक्षण वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में यह पता ही नहीं चल पा रहा है कि कौन पॉजिटिव है कौन नहीं। एक ही परिवार के 10 से अधिक लोगों के पॉजिटिव होने से स्थितियां गंभीर हो गई हैं। क्योंकि इनके जरिये तमाम लोगों तक वायरस पहुंच जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। हालांकि टीम नियंत्रण की दिशा में लगातार प्रयासरत है। - डॉ. केपी त्रिपाठी, प्रभारी संक्रामक रोग नियंत्रण