शासनादेश के अनुसार 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, असाध्य रोग से ग्रस्त रोगियों व अभिभावक रहित छोटे बच्चों को यहां भर्ती नहीं किया जाएगा। सफाई की व्यवस्था होटल संचालक को करनी होगी।
24 घंटे इलाज की सुविधा देने के लिए आठ घंटे की शिफ्ट में एक एमबीबीएस या आयुष डॉक्टर, दो नर्सिंग स्टाफ और एक फार्मासिस्ट तैनात किया जाएगा। चिकित्सीय दल के रहने की व्यवस्था उसी होटल या फिर पास के भवन या होटल में की जाएगी।
किसी मरीज की तबीयत बिगड़ने की आशंका पर उसे तुरंत जरूरत के अनुसार एल टू या एल थ्री अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। ऐसे में बची राशि होटल मरीज को वापस कर देगा।