शनि और गुरु उच्च राशियों में प्रवेश करते हैं तो भूमि कंपन की स्थिति उत्पन्न होती है। वर्तमान में यही स्थिति है। शनि के वक्री होने और मंगल अस्त होने से भी अजीबोगरीब स्थिति होती है।
इसी वजह से तरह-तरह बीमारियां, भूमि पर कंपन बार-बार होता रहता है। लेकिन, ज्योतिषाचार्यों का दावा है कि कानपुर और इसके आसपास के क्षेत्र हर लिहाज से सुरक्षित है।
ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक पांडेय का कहना है कि शनि महाराज 14 मार्च से पहले वक्री थे और 20 मार्च को ग्रहण पड़ा था। इन दोनों योगों के भीतर 41वें दिन भूमि का कंपन हुआ था।
अर्थात 25 अप्रैल को पहला भूकंप आया था। भारतीय ज्योतिष में मंगल 41वें दिन और 41वें वर्ष का कारक होता है। इसलिए जुलाई तक विशेष सावधानी की आवश्यकता है।