जिला जज अरुण कुमार गुप्ता की कोर्ट में मंगलवार को कानपुर के चर्चित ज्योति मर्डर केस की सुनवाई हुई। गवाही देने आए पांचवें गवाह ज्योतिषी मंधना निवासी त्रिवेणी शंकर दीक्षित ने ज्योति की अंगूठी पहचानी।
उन्होंने कहा कि यह चांदी की मोती जड़ी अंगूठी उन्होंने पूजा के बाद ज्योति को पहनने के लिए दी थी। ज्योति ने बातचीत में अपनी हत्या की आशंका जताई थी।
विशेष अभियोजक दामोदर मिश्र और शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र पाल सिंह ने बताया कि कोर्ट में ज्योतिषी ने कहा कि बबली नाम की एक महिला ने पीयूष की मां पूनम से मिलवाया था। उन्होंने उनसे कहा था कि बेटे पीयूष और बहू ज्योति में अनबन रहती है।
दोनों के बीच संबंध ठीक हो जाएं। इसके लिए कुछ पूजा-पाठ कर दीजिए। इस पर उन्होंने पूजा के बाद अंगूठी पहनने को दी थी और कुछ पूजा बताई थीं। पीयूष के अधिवक्ता सईद नकवी और मनीषा मखीजा के अधिवक्ता कमलेश पाठक ने त्रिवेणी शंकर से कई सवाल किए।
अन्य अभियुक्तों अवधेश और सोनू के वकील सुरेश सिंह चौहान भी कोर्ट में रहे। ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी, अवधेश, सोनू, रेनू और आशीष को जेल से लाया गया था। जमानत पर चल रही मनीषा मखीजा भी कोर्ट आई। पीयूष के पिता ओम प्रकाश, मां पूनम, चचेरे भाई मुकेश और कमलेश भी कोर्ट आए।