उज्जैन के महाकाल मंदिर में अरुणिमा सिन्हा को प्रवेश करने से रोकतीं कर्मचारी।
पद्मश्री अरुणिमा सिन्हा को उज्जैन के महाकाल मंदिर में साड़ी नहीं पहने होने की वजह से रोक दिया गया। इससे आहत अरुणिमा ने कहा, मैं एवरेस्ट चोटी फतह के वक्त भी इतना नर्वस नहीं हुई थी। एवरेस्ट की चोटी फतह करने से यह चुनौती कहीं ज्यादा बड़ी है, क्योंकि इससे भारतीय संस्कृति का सम्मान जुड़ा है। उन्होंने इस मामले को लेकर न केवल ट्वीट किया बल्कि पीएमओ व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी टैग किया।
मध्य प्रदेश के महिला कल्याण विभाग के बुलावे पर अरुणिमा वहां कार्यक्रम में गई थीं। अरुणिमा का कहना है कि मैंने अपनी निशक्तता का हवाला दिया और कृत्रिम पैर भी खोलकर दिखाया। यह भी कहा कि इसी वजह से मैं साड़ी में नहीं हूं। आखिर आस्था पर परिधान कैसे भारी पड़ सकता है।
बहरहाल मध्यप्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह व महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटणिस ने मुझे फोन कर इसपर खेद जताया। मध्य प्रदेश सरकार ने सम्मान सहित दोबारा दर्शन के लिए आने का न्यौता भी दिया है।