केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि 26 मई 2014 के बाद से अब तक केंद्र सरकार ने न तो किसी उद्योगपति का कर्ज माफ किया है, न ही उत्तर प्रदेश का एक भी रुपया रोका है।
जिन बड़े उद्योगपतियों पर सैकड़ों करोड़ का कर्ज है, उन्हें 2006-07 से 2008-09 के बीच दिया गया था। राहुल गांधी जानकारी के अभाव में गलतबयानी कर रहे हैं।
उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन को पारिवारिक मजबूरी करार दिया और कहा कि जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी।
जेटली मंगलवार को यहां भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर मंगलवार को मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण देश की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी था। इसे चुनाव से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। जीएसटी से भी लाभ होगा।
केंद्र और राज्यों में सरकारी साधन बढ़ेंगे। भाजपा की सरकार बनने पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर यूपी की तरक्की के लिए काम करेंगे।
'42 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को जाता है'
- फोटो : amar ujala
केंद्रीय वित्तमंत्री ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के केंद्र से सहायता न मिलने के बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वित्त व्यवस्था में राज्य सरकार जो राजस्व एकत्रित करती है, वह सारा राज्य का होता है।
केंद्र सरकार जो राजस्व एकत्रित करती है, उसमें से 42 प्रतिशत राज्य को जाता है। इस 42 प्रतिशत में से एक रुपया भी कम करने की गुंजाइश नहीं है। शेष 58 प्रतिशत राशि भी मनरेगा सहित केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं के जरिए राज्यों को चली जाती है।
यदि कोई मुख्यमंत्री केंद्र से संसाधन नहीं मिलने की बात कहता है, तो इसका मतलब है कि वह अपनी विफलता को स्वीकार कर रहा है। जनता को मुद्दों से भटकाने का प्रयास कर रहा है।
'सपा-कांग्रेस गठबंधन को नहीं स्वीकार करेगी जनता'
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जेटली ने कहा कि कांग्रेस-सपा से बड़ा अवसरवादी गठबंधन देश के इतिहास में बहुत कम हुआ है। यूपी की जनता ने कांग्रेस हटाओ देश बचाओ का नारा देने वाले लोहिया के समाजवादी आंदोलन का पतन होते देखा है।
वैचारिक आधार को छोड़कर पारिवारिक आधार पर मजबूरी में किए गए गठबंधन को यूपी की जनता स्वीकार नहीं करेगी।
यूपी में अपराध और अराजकता
जेटली ने कहा कि अपराध उत्तर प्रदेश की व्यवस्था का हिस्सा बन गया है। सपा सरकार ने गैंगवार को राजनीति में प्रतिष्ठित कर दिया है।
कहीं व्यापारी की हत्या हो रही है, तो कहीं सपा विधायक पर आरोप लगाने वाली महिला की हत्या हो रही है। भ्रष्टाचारियों और अपराधियों पर कार्रवाई के नाम पर दिखावा कर फिर उन्हें गले लगाया गया है।