अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में हाजिर न होने पर गोंडा से भाजपा सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह, उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज सहित छह आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।
विशेष न्यायाधीश शशिमौलि तिवारी ने मामले की सुनवाई के लिए 19 जुलाई की तारीख तय की है।
इससे पहले मामले की सुनवाई के समय इंडियन एक्सप्रेस के फोटोग्राफर प्रवीण जैन तथा रोहतक निवासी विजेंद्र सिंह अपनी गवाही दर्ज कराने के लिए कोर्ट में हाजिर थे जबकि सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह और साक्षी महाराज के अलावा पवन पांडेय, अमरनाथ, विजयभान गोयल तथा रामचंद्र खत्री कोर्ट में हाजिर नहीं हुए।
अर्जी भी हो गई खारिज
हालांकि इनकी हाजिरी माफ करने की मांग वाली अर्जी दी गई। वहीं सुनवाई के समय इनके अधिवक्ता भी कोर्ट में हाजिर नहीं थे।
इस पर विशेष कोर्ट ने आरोपियों की हाजिरी माफ करने की मांग वाली अर्जी खारिज करते हुए इनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया।
वहीं इसी मामले के आरोपी फैजाबाद के तत्कालीन डीएम आरएन श्रीवास्तव सहित अन्य आरोपियों के वकील कोर्ट में हाजिर हुए तथा हाजिरी माफी की अर्जी दी जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
मामले में सरकार की ओर से नियुक्त वकील रामकुमार यादव ने बताया कि आरोपियों के वकील के कोर्ट में हाजिर न होने की वजह से गवाहों की गवाही दर्ज नहीं की जा सकी और उन्हें वापस भेज दिया गया।
चल रही है 28 आरोपियों की सुनवाई
अभियोजन के अनुसार सीबीआई ने मामले में 49 आरोपियों के खिलाफ 4 अक्तूबर 1993 को चार्जशीट लगाई थी। विशेष न्यायालय ने शिवसेना नेता बाला साहेब ठाकरे, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, रामविलास वेदांती, महंत अवेद्यनाथ सहित 13 आरोपियों को मामले से आरोपमुक्त कर दिया था।
वहीं विशेष कोर्ट के इस आदेश की हाईकोर्ट से पुष्टि हो जाने के बाद सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में इस आदेश के खिलाफ एसएलपी दाखिल की थी।
इस मामले में आरोपित किए गए अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विष्णु हरि डालमिया, विनय कटियार, उमा भारती तथा साध्वी ऋतंभरा पर लगाए गए आरोपों की मजिस्ट्रेटी ट्रायल होनी थी, इसलिए इन आरोपियों के मामले रायबरेली की विशेष कोर्ट में स्थानांतरित कर दिए गए।
लखनऊ में कुल 28 आरोपियों की सुनवाई चल रही है जबकि सीबीआई द्वारा आरोपित किए गए 49 आरोपियों में से 10 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है।