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निलंबित डीआईजी अरविंद सेन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, आरोपियों को बचाने के लिए मांगे थे 35 लाख रुपये

Thu, 10 Dec 2020 08:56 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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अदालत ने सीबीसीआईडी के तत्कालीन एसपी व निलंबित डीआईजी अरविंद सेन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। सेन पर पशुपालन विभाग में आपूर्ति के नाम पर इंदौर के व्यापारी से करोड़ों रुपये हड़पने के आरोपियों को बचाने के लिए 35 लाख रुपये लेने के आरोप हैं।

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भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि सेन लगातार फरार चल रहे हैं और पुलिस की पकड़ से दूर हैं, लिहाजा उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाए। इससे पहले अरविंद सेन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग वाली अर्जी दी गई थी।

विवेचक श्वेता श्रीवास्तव ने कोर्ट में कहा कि इंदौर के व्यापारी और वादी मंजीत सिंह भाटिया उर्फ रिंकू ने 13 जून को हजरतगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि अप्रैल 2018 में उनके छोटे भाई के दोस्त वैभव शुक्ला अपने साथी संतोष शर्मा के साथ इंदौर स्थित आवास पर आए और बताया कि पशुपालन मंत्री के करीबी और उपनिदेशक पशुपालन एसके मित्तल आपको पार्टी हित में गेहूं, आटा, शक्कर और दाल की सप्लाई का ठेका देना चाहते हैं।

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वादी से 9 करोड़ 72 लाख 12 हजार रुपये लेकर कथित मित्तल से मुलाकात कराई

आरोपियों ने वादी से 9 करोड़ 72 लाख 12 हजार रुपये लेकर कथित मित्तल से मुलाकात कराई और टेंडर मिलने की सूचना दी, लेकिन ऑनलाइन टेंडर में उसका नाम नहीं था।

कोर्ट को बताया गया कि विवेचक ने मुख्य आरोपी आशीष राय से पूछताछ की तो उसने बताया कि जब अरविंद सेन आजमगढ़ में एसपी थे, उसकी तबसे जान-पहचान है। वादी मंजीत भाटिया जब उस पर दबाव बनाने लगा तो आशीष ने अरविंद सेन से मुलाकात की।

सेन ने मामला मैनेज करने के लिए 50 लाख रुपये मांगे, लेकिन डील 35 लाख में तय हुई, इसमें 5 लाख रुपये अरविंद सेन के खाते में जमा कराए गए और शेष पैसा बाद में नकद दिया था।
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