पत्रावली के अनुसार 17 अगस्त 2015 को उपनिरीक्षक प्यारे लाल ने हजरतगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि लक्ष्मण मेला मैदान में धरना देने के समर्थकों के साथ सभी लोग विधानसभा की ओर जाने लगे।
उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो उनलोगों ने पुलिस पर पत्थराव कर दिया। इसमें पुलिस व प्रशासन के कई अधिकारियों को चोटें आई थीं। इस मामले में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद कोर्ट ने 29 अप्रैल 2016 को संज्ञान लिया था।