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भोजपुरी हीरोइन ने किया पूर्व मिस जम्मू के काले खेल का खुलासा, करोड़ों के फ्रॉड और मैसेज का ये है सच

Fri, 15 Dec 2017 08:05 PM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
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बॉलीवुड-भोजपुरी एक्ट्रेस अर्पिता माली - फोटो : amar ujala
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करोड़ों की ठगी के आरोपों में घिरी पूर्व मिस जम्मू अनारा गुप्ता की विभूति खंड स्थित कंपनी एंपरर मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड में चल रहे खेल का बॉलीवुड अभिनेत्री सागरिका सुमन उर्फ अर्पिता माली ने चार महीने पहले ही खुलासा कर दिया था, पर राजधानी पुलिस मामला दबा गई।
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वह कंपनी की पहली निदेशक थीं। बैंक खाते में अनाप-शनाप रुपये आने पर अर्पिता ने पूछताछ शुरू की तो उनसे जबरन इस्तीफा ले लिया। लखनऊ के एसएसपी से शिकायत पर जांच के आदेश दिए गए, पर पुलिस ने केस दर्ज न कर मामला दबा दिया।

इस मामले में खबरें प्रकाशित होने की जानकारी पाकर अर्पिता माली बृहस्पतिवार शाम ‘अमर उजाला’ के ऑफिस पहुंचीं और कई राज खोले। उन्होंने बताया कि कंपनी का रजिस्ट्रेशन मुंबई के कांदिवली निवासी शत्रुघन तहसीलदार सिंह ने फरवरी 2013 में कराया था। मार्च 2017 में कंपनी ने विभूति खंड के साइबर हाइट्स के तृतीय तल पर हेड ऑफिस बनाकर ठगी का धंधा शुरू किया।
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शत्रुघन ने उनसे संपर्क कर 50 फीसदी की हिस्सेदारी पर निदेशक बनाने का ऑफर दिया। अर्पिता कंपनी की निदेशक बन गईं। कंपनी ने उनके हस्ताक्षर से ही विभूति खंड स्थित इंडसइंड व एक्सिस बैंक, इंदिरानगर की बैंक ऑफ इंडिया और एसबीआई की गोमतीनगर वसुंधरा शाखा में अकाउंट खुलवाए।

बकौल अर्पिता, कुछ दिन बाद से ही इसमें लाखों रुपये जमा होने लगे। कभी 10 तो कभी 20 लाख रुपये अकाउंट में जमा होने का मेसेज उनके ही मोबाइल नंबर पर आता था। इस बीच शत्रुघन ने पूर्व मिस जम्मू अनारा गुप्ता और पानीपत के नरेश कुमार को भी कंपनी से जोड़ लिया और यूपी के अलावा दिल्ली, गुजरात और हरियाणा में 30 से अधिक शाखाएं खोल लीं।

मोबाइल पर 53 लाख रुपये का मैसेज आने पर माथा ठनका

- फोटो : amar ujala
अप्रैल में मुंबई में शूटिंग के दौरान 53 लाख रुपये जमा होने का मेसेज आने पर उनका माथा ठनका। वह लखनऊ पहुंचीं तो पता चला कि शत्रुघन ने नरेश को कंपनी का एमडी बना दिया है व उन्हें निदेशक पद से हटाकर अनारा को जिम्मेदारी सौंप दी है।

अकाउंट में आई रकम के बारे में जानकारी मांगने पर नरेश भड़क गए और अभद्रता शुरू कर दी। यही नहीं जबरन उनसे इस्तीफा लिखवा लिया गया। अर्पिता ने पिता को घटनाक्रम की जानकारी दी तो उन्होंने केस दर्ज कराने को कहा।

अर्पिता का कहना है कि शत्रुघन ने कंपनी के एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में काम करने की जानकारी दी थी, लेकिन वास्तव में वहां पांजी स्कीम चलाई जा रही थी। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो अर्पिता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया।

वहीं, एसएसपी दीपक कुमार का मामले पर कहना है कि अर्पिता माली ने कब प्रार्थनापत्र दिया, इस बारे में जानकारी नहीं है। अब उनके प्रार्थनापत्र को एफआईआर में शामिल कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। किसी दरोगा ने उन्हें परेशान किया है तो वह लिखित शिकायत करें। सख्त कार्रवाई होगी।

भोजपुरी,हिंदी फिल्मों की अभिनेत्री हैं अर्पिता

अनारा गुप्ता ने अर्पिता को भेजे ये मैसेज - फोटो : amar ujala
अर्पिता भोजपुरी और हिंदी फिल्मों की अभिनेत्री हैं। उन्होंने इंस्पेक्टर चांदनी, वीर बलवान, यादव जी जैसी कई भोजपुरी फिल्मों में भूमिका की है। इसी शुक्रवार को उनकी हिंदी फिल्म ‘ये कैसा पेशा’ रिलीज हो रही है, जिसमें उन्होंने धार्मिक आडंबर पर प्रहार किया है। फरवरी और मार्च में उनकी हिंदी व भोजपुरी फिल्म रिलीज होगी।

अनारा ने फोन और वॉट्सएप मेसेज भेजकर दीं धमकियां
अर्पिता ने कंपनी में चल रही पांजी स्कीम का विरोध किया तो अनारा गुप्ता उसकी दुश्मन बन बैठी। बकौल अर्पिता, अनारा ने उससे कंपनी से जुड़े रहने को कहा। कंपनी के निदेशकों ने पोल खुलने के डर से उसे लालच दिया। शत्रुघन ने एक करोड़ रुपये लेकर मुंह बंद रखने की बात कही, लेकिन वह नहीं मानी और मुंबई लौट गई। इस बीच अनारा गुप्ता ने उसे फोन कर समझाया।

अर्पिता ने उसकी कॉल उठानी बंद कर दीं तो अनारा ने वॉट्सएप पर मेसेज भेजकर उसे चेतावनी दी। लिखा कि पता नहीं कौन तुमको दिमाग दे रहा है, लेकिन तुम अपना नुकसान कर रही हो। मुझे भी बहुत लोग समझा रहे लेकिन इंसान को अपने सही और गलत की पहचान होनी चाहिए। अगर अपना फायदा कराना है तो मुझे फोन करो। अर्पिता ने बताया कि कंपनी से जुड़े करन सिंह प्रिंस और प्रदीप ने भी उसे फोन कर धमकाया।

बयान के लिए बुलाकर दो दिन तक दौड़ाता रहा दरोगा

- फोटो : amar ujala
अर्पिता ने बताया कि उनका प्रार्थनापत्र विभूति खंड पुलिस को जांच के लिए दिया गया। दरोगा अभिषेक तिवारी ने उन्हें फोन कर बयान के लिए लखनऊ बुलाया। वह थाना पहुंची तो दरोगा बयान दर्ज करने के बजाए दो दिन तक दौड़ाता रहा।

इस पर वह मुंबई लौट गईं तो दरोगा ने फोन कर परेशान करना शुरू कर दिया। वह कहता था कि लखनऊ आकर अपना पक्ष नहीं रखोगी तो तुम्हारे खिलाफ ही केस दर्ज कर दिया जाएगा। अर्पिता लखनऊ पुलिस के रवैये से इतनी घबरा गईं कि उन्होंने कोर्ट में अपनी शिकायत में दरोगा के परेशान करने का जिक्र किया है।
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सेबी ने जांच कर प्रदेश सरकार व आरबीआई को सौंपा मामला

अनारा गुप्ता - फोटो : amar ujala
अर्पिता ने कोर्ट में की शिकायत में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज कानपुर, नई दिल्ली स्थित सीरियस फ्रॉड इनवेस्टिगेशन ऑफिस के निदेशक, मुंबई स्थित सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) के चेयरमैन व आरबीआई के गवर्नर, नई दिल्ली स्थित प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक, एसएसपी लखनऊ, इंडसइंड व एक्सिस बैंक की विभूति खंड शाखा, बैंक ऑफ इंडिया की इंदिरानगर शाखा, एसबीआई की गोमतीनगर वसुंधरा शाखा, कंपनी के सीईओ मुंबई के कांदिवली निवासी शत्रुघन तहसीलदार सिंह, पानीपत के नरेश कुमार, मुंबई के कांदिवली में रहने वाली अनारा गुप्ता और मेसर्स एंपरर मीडिया कंपनी को पार्टी बनाया। हाईकोर्ट ने सेबी को मामले की जांच सौंपी।

सेबी ने जांच के बाद कंपनी को मल्टी लेवल मार्केटिंग और चिट फंड गतिविधियां संचालित करने का दोषी पाते हुए प्रदेश सरकार व आरबीआई को मामला सौंप दिया। सेबी का कहना है कि मल्टी लेवल मार्केटिंग प्रतिबंधित है और इसकी प्रशासक राज्य सरकार है, जबकि चिट फंड गतिविधियों की प्रशासक आरबीआई है। एंपरर मीडिया प्रकरण में इन दोनों को ही कार्रवाई करनी है।
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